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जिला बनाओ संघर्ष समिति का हुआ गठन,,,अंतिम दम तक चलेगी लड़ाई…

राजपुर। जिला बनाने को लेकर अब राजपुर में संघर्ष तेज हो गई है सोमवार को राजपुर के स्थानीय नागरिकों ने नगर के रेस्ट हाउस में आम नागरिकों व व्यापारिक बंधुओं ने बैठक कर जिला बनाओ आंदोलन संघर्ष समिति की गठन के साथ ही राजपुर को जिला बनाने के लिए अब संघर्ष तेज होती दिख रही है।

अंतिम दम तक चलेगी लड़ाई:-
     छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दिन चार जिलों की घोषणा की थी जिसके बाद अब यह कयास लगाया जा रहा है कि आगामी आने वाले समय में चार और जिलों के साथ छत्तीसगढ़ में 36 जिलों का बनना तय माना जा रहा है। जिसको लेकर अब राजपुर में जिला बनाने को लेकर स्थानीय नागरिकों ने संघर्ष तेज कर दी है। सोमवार को स्थानीय नागरिक सहित व्यापारिक बंधुओं ने भारी संख्या में नगर के रेस्ट हाउस में एक बैठक आयोजित की जिसमें राजपुर को जिला बनाने हेतु सर्वदलीय जिला बनाओ संघर्ष समिति की गठन किया गया। जिला बनाने को लेकर सर्वदलीय संघर्ष समिति के गणमान्य नागरिकों ने सर्वसम्मति ने राजपुर के सामाजिक कार्यकर्ता व नगर के वरिष्ठ नागरिक एवं समाजसेवी अशोक अग्रवाल को सर्व समिति से जिला बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक नियुक्त किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आगामी आने वाले समय में राजपुर को जिला बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे एवं आंदोलन भी किया जाएगा जिसके लिए नियमानुसार रणनीति तय करते हुए कार्यक्रम निर्धारित की गई एवं चरणबद्ध तरीके से आंदोलन की तैयारी की जा रही है।।नगर वासियो ने राजपुर जिला बनाने को लेकर इस बार अंतिम दम तक लड़ाई लड़ने के मूड में दिख रहे हैं।

राजपुर में जिला बनाने को लेकर बैठक

अपने नेता के वादे को भूले कांग्रेसी:-
       गौरतलब है कि वर्ष 2013 में तत्कालीन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष स्वर्गीय नंदकुमार पटेल ने अपने परिवर्तन यात्रा के दौरान राजपुर प्रवास के समय उन्होंने कहा था कि यदि कांग्रेस की शासन बनती है तो विधानसभा सामरी को जिला बनाते हुए राजपुर को जिला मुख्यालय का दर्जा दिया जाएगा, परंतु आज कांग्रेस प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता शासन होने के बावजूद कांग्रेस के नेताओं ने झीरम घाटी हमले में शहीद अपने एक वरिष्ठ नेता को खोने के बाद भी उनके वादे को पूरा करना जरूरी नहीं समझा और उनके किये वादे को तव्वजों देना मुनासिब नही समझा इसलिए आज भी राजपुर जिला के दर्जा से वंचित नजर आ रही है।
        आपको बता दें कि जिस समय बलरामपुर जिला अस्तित्व में आया उसके बाद लगातार राजपुर सहित शंकरगढ़, कुसमी व सामरी के नागरिकों ने भारी विरोध किया था क्योंकि बलरामपुर जिला मुख्यालय से कुसमी सामरी व शंकरगढ़ वासियों के लिए दूरी काफी ज्यादा है एवं शासकीय कार्यों के लिए आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में राजपुर को जिला बनाए जाने हेतु बड़ी तेजी से मांग की गई थी। परंतु राजपुर को जिला मुख्यालय का दर्जा नहीं मिलने से उन्हें आज भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।ऐसे में यदि अब भी राजपुर को जिला मुख्यालय का दर्जा मिलता है तो उन्हें काफी सहूलियत मिलेंगी एवं आने जाने के लिए भी पर्याप्त सुविधा मिल पाएगी।

जनसमूह का मिल रहा है अपार समर्थन:-
     नगर के रेस्ट हाउस में हुए आज बैठक के दौरान नगर के समाजसेवी अशोक अग्रवाल सहित कैलाश अग्रवाल नगर पंचायत अध्यक्ष सहदेव राम नगर पंचायत उपाध्यक्ष जय गोपाल अग्रवाल सुरेंद्र गुप्ता टिल्लू पांडे सत्येंद्र अग्रवाल सुनील गुप्ता बबलू सोनी विश्वास गुप्ता अजय यादव महेंद्र गुप्ता सुनील अग्रवाल विश्वास गुप्ता अरुण सोनी राजू जायसवाल रंजीत सोनी संजय सोनी कृष्णा टोप्पो बबलू यादव नंदकिशोर सोनी रत्नाम्बर मिश्रा धनंजय गुप्ता कन्हाई राम भीम सिंह गुड्ड विभु जायसवाल सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिक व्यापारिक बंधु एवं मीडिया के पत्रकार साथी उपस्थित थे।

जिला बनाने को लेकर नागरिकों का आंदोलन

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