बलरामपुररामानुजगंज

विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन
“निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन”

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी के मागदर्शन एवं अध्यक्षता में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज के सहयोग से 07 अप्रैल 2022 को विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर न्यायालय परिसर रामानुजगंज के प्रांगण में स्वास्थ्य जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त स्वास्थ्य शिविर में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रफुल्ल कुमार सोनावानी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट), श्रीमती वंदना दीपक देवांगन, द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री मधूसुदन चन्द्राकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री अजय कुमार खाखा, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्री निकसन डेविड लकड़ा, श्रेणी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती रेशमा बैरागी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज के खण्ड चिकित्सा अधिकारी श्री कैलाश कैवर्त्य व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समस्त चिकित्सकगण व उनकी टीम एवं जिला न्यायालय के कर्मचारीगण एवं अधिवक्तागण उपस्थित थे।


स्वास्थ्य जागरुकता शिविर कार्यक्रम के अवसर पर अध्यक्ष ने उपस्थित व्यक्तियों को संबोधित करते हुए कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने की शुरुआत 1950 से हुई। संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अन्य सहयोगी और संबद्ध संस्था के रुप में दुनिया के 193 देशों ने मिल कर स्विटजरलैंड के जेनेवा में विश्व स्वास्थ्य संगठन की नींव रखी थी। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर के लोगों के स्वास्थ्य के स्तर को उंचा उठाना है। हर इंसान का स्वास्थ्य अच्छा हो और बीमार होने पर हर व्यक्ति को अच्छे प्रकार का ईलाज एवं अच्छी सुविधा मिल सके। उन्होनें युनानी चिकित्सा पद्धति का वर्णन करते हुए कहा कि कई असाध्य रोगों का ईलाज यूनानी पद्धति से संभव है। मुख्य रुप से गठिया, सफेद दाग, एग्जिमा, अस्थमा, माईग्रेन, मलेरिया एवं फाइलेरिया। यूनानी चिकित्सा पद्धति में औषधियां जड़ी-बूटीयों और खनिज पदार्थों से बनती है। बीमारियों की जांच नब्ज टटोल कर की जाती है।


श्री सोनवानी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारे आसपास का वातावरण स्वस्थ होगा तभी हम स्वस्थ रह सकते हैं। उन्होने मानसिक स्वास्थ्य पर जोर देते हुए कहा कि हमें अपने विशेष रुप से मानसिक स्वास्थ्य पर कार्य करने की जरुरत है। इसी संदर्भ में सोशल मीडिया का उदाहरण देते हुए कहा कि आज आजकल के बच्चे सोशल मीडिया से काफी प्रभावित हैं तथा अपना अधिकतर समय मोबाईल पर व्यतीत कर रहे हैं। वर्तमान में सोशल मीडिया की फूहड़ता तथा तमाम प्रकार के वीडियो गेम्स उनकी संवेदनशीलता को खत्म करती जा रही है। सोशल मीडिया के माध्यम से एक अवयस्क बालक तरह-तरह के वेब सीरिज देख कर मानसिक रुप से बीमार पड़ता जा रहा है। आज आवश्यकता है कि हर परिवार के माता पिता इस विषय पर विचार करें।


विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित स्वास्थ्य शिविर में निःशुल्क रुप से दवा वितरण, स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड बनवाने एवं मच्छरदानी वितरण किया गया। उक्त शिविर में लगभग 350 लोगों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया, 50 लोगों को मच्छरदानी वितरित एवं 28 लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button