छत्तीसगढ़

शासन की विशेष योजना अंतर्गत अनुबंध में ट्रेनिंग पूर्ण कर चुके जीएनएम की बैठक,,,ट्रेंनिग के बाद भी नही मिल रहा नियुक्ति…

शासन की विशेष योजना अंतर्गत अनुबंध में ट्रेनिंग पूर्ण कर चुके जीएनएम की बैठक,शासन के उपेक्षा पूर्ण रवैये से नाराज…

अम्बिकापुर।अनुसूचित जनजाति महिला शासन की विशेष योजना अंतर्गत अनुबंध में ट्रेनिंग पूर्ण कर चुके जीएनएम की बैठक अयोध्या प्रसाद के अध्यक्षता में किया गया।
        बैठक के दौरान कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई जिसमें जिसमें यह कहा गया कि 2015-16 में यूरोपियन यूनियन के साथ छत्तीसगढ़ सरकार एक समझौता हुआ था जिसमे आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए विशेष रूप से नर्सों की ट्रेनिंग करा कर उन्हें विभिन्न अस्पतालों में रखे जाने का निर्णय लिया गया था इसके लिए ट्रेनिंग आदि का खर्चा यूरोपियन यूनियन द्वारा उठाया जाएगा और समझौते तथा योजना के तहत बस्तर और सरगुजा संभाग में 100 आदिवासी महिलाओं का चयन विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों में 3 वर्ष का डिप्लोमा लेने हेतु चयन किया गया था।उनमें से करीब 60 महिलाओं ने कोर्स पूरा किया किंतु आज लगभग 2 साल हो गए उन्हें किसी भी अस्पताल में नियुक्ति नहीं दी गई। नर्सिंग कैंडिडेट तथा सरकार के बीच यह अनुबंध हुआ था कि ट्रेनिंग के बाद 5 वर्षों तक उन्हें आदिवासी क्षेत्रों में काम करना पड़ेगा यदि वह ऐसा नहीं करता है तो उन्हें पूरा खर्चा सरकार को देना होगा। बैठक में यह बात रखी गई कि जब कैंडिडेट ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली और डिप्लोमा प्राप्त कर लिया है फिर उन्हें शासकीय चिकित्सालय में नियुक्ति क्यो नहीं दी जा रही है जबकि चिकित्सालय में सैकड़ों खाली पद पड़े हुए हैं और मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही है।बैठक में इनसे संबंधित ज्वलंत समस्याओं जिसमें मुख्य रुप अनुबंध शर्तों के तहत नियमित पदों पर भर्ती ,अतिशेष परिचारिका घोषित करने ,रिक्त पदों पर भर्ती हेतु प्राथमिकता देने एवं अनुबंध शर्तों के तहत ग्रामीण अंचलों में पदस्थापना करने ताकि कोविड-19 के असामान्य परिस्थितियों में उपचार सुविधा में बढ़ोतरी किया जा सके इत्यादि के संबंध में चर्चा की गई।

बैठक के अंत में संभाग स्तरीय तदर्थ समिति का गठन किया गया जिसमें जशपुर जिला से संयोजक अनूपा एक्का बलरामपुर से रूपानी , किरण सरगुजा से क्रांति केरकेटा सूरजपुर से शांति कुजूर और कोरिया से रोशनी को संयोजक बनाया गया।बैठक के अंत में 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्मतिथि के अवसर पर गांधी सुमिरन करने का निर्णय लिया गया और यह भी निर्णय लिया गया कि उस दिन एक दिवसीय धरना देकर अपनी मांगों के संबंध में शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया जाएगा ।बैठक में सलाहकार अनंत सिन्हा एवं किरण सिन्हा सहित सभी जीएनएम ट्रेनिग पूर्ण किए अभ्यर्थी उपस्थित थे।

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