
सहकारिता बैंक रामानुजगंज में करोड़ों का घोटाला: कंप्यूटर ऑपरेटर समेत गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
रामानुजगंज। सहकारिता बैंक रामानुजगंज में शासकीय धनराशि गबन करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी और तत्कालीन कंप्यूटर ऑपरेटर पंकज विश्वास को गिरफ्तार कर लिया है। पंकज विश्वास पर आरोप है कि उसने बैंक के अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर संगठित गिरोह बनाकर 1.33 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि का गबन किया।
पुलिस ने बताया कि यह गिरोह किसानों, समितियों और खाताधारकों को दी जाने वाली सरकारी सहायता और लोन की राशि को फर्जी हस्ताक्षर और बैंकिंग नियमों का उल्लंघन कर गबन करता था। मामले में शाखा प्रबंधक शंकर राम भगत, कैशियर विजय उइके और राजेश पाल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुख्य आरोपी 5 महीने से था फरार
घटना के मुख्य आरोपी पंकज विश्वास को पुलिस ने अंबिकापुर से गिरफ्तार किया। वह पिछले पांच महीने से फरार था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने गबन की योजना और अपनी भूमिका स्वीकार की।
गबन की गई संपत्तियों की जब्ती
पुलिस ने गबन की राशि से खरीदी गई चल संपत्तियां, जैसे ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप वाहन (कुल 15 लाख रुपये मूल्य), जब्त कर ली हैं।
शिकायत और प्राथमिक जांच
इस मामले की शिकायत शाखा प्रबंधक अरविंद्र श्रीवास्तव ने 6 अगस्त 2024 को की थी। जांच के बाद थाना रामानुजगंज में अपराध क्रमांक 157/2024 के तहत धारा 409, 34 और 120बी के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस मामले को सुलझाने में पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी और अनुविभागीय अधिकारी याकूब मेमन की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी और उनकी टीम के सदस्यों ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
न्यायिक प्रक्रिया जारी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी पंकज विश्वास को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मामले का महत्व
यह मामला न केवल आर्थिक अपराध की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि संगठित अपराध कैसे सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग कर सकता है। पुलिस की कार्रवाई ने यह सुनिश्चित किया कि दोषी कानून की गिरफ्त में आए।



