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गढ़वा के गोदारमाना में पटाखा दुकान में भीषण आग, दम घुटने से 5 लोगों की मौत, इलाके में मचा हड़कंप

गढ़वा में पटाखों की दुकान में आग लगने से 5 की मौत, बड़ा हादसा

झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड के गोदरमाना मुख्य बाजार में सोमवार (10 मार्च 2025) को एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें पटाखों की दुकान में लगी आग के कारण पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना सुबह करीब 11:30 बजे हुई, जब दुकान में अचानक विस्फोट हुआ और आग फैल गई। मृतकों में दुकानदार कुश कुमार गुप्ता भी शामिल हैं।


कैसे हुआ हादसा?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुश कुमार गुप्ता किराने और पटाखों की दुकान चलाते थे, और उनकी दुकान के पीछे दो गोदाम थे। घटना के समय, दुकान में कुछ लोग मौजूद थे। अचानक एक पटाखा फूट गया, जिससे आग लग गई और दुकान में तेजी से फैल गई। आग की भयावहता इतनी अधिक थी कि उसने देखते ही देखते पूरे गोदाम को चपेट में ले लिया।

विस्फोट के कारण दुकान का शटर बंद हो गया, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल पाए। जब तक स्थानीय लोग और दमकल विभाग आग पर काबू पाते, तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। दमकल कर्मियों ने गोदाम की दीवार काटकर शवों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक सभी की मौत हो चुकी थी।

दमकल विभाग की प्रतिक्रिया

सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लेकिन पटाखों के विस्फोट के कारण आग बुझाने में काफी कठिनाई हुई। स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में मदद की, लेकिन दुकान पूरी तरह जल गई। दमकल अधिकारियों का कहना है कि यदि दुकान में आग बुझाने के पर्याप्त उपाय होते और निकासी का सही रास्ता होता, तो शायद कुछ लोगों की जान बच सकती थी।

मृतकों की पहचान और परिवार की स्थिति

इस हादसे में दुकानदार कुश कुमार गुप्ता समेत पांच लोगों की जान चली गई। मृतकों की पहचान अभी की जा रही है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुकानदार के परिवार के सदस्य भी इस घटना में हताहत हुए हैं।

इस दुर्घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मृतकों के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर पटाखों की दुकानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर देखा जाता है कि छोटे बाजारों में पटाखों की दुकानें बिना किसी सुरक्षा उपाय के चलाई जाती हैं। कई दुकानों में अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) तक उपलब्ध नहीं होते।

विशेषज्ञों के अनुसार, पटाखों की दुकान और गोदाम आबादी से दूर होने चाहिए, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में नुकसान कम से कम हो। लेकिन भारत के कई इलाकों में नियमों की अनदेखी की जाती है, जिससे इस तरह के हादसे होते रहते हैं।

प्रशासन की कार्रवाई

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं। यह देखा जाएगा कि क्या दुकान के पास पटाखे बेचने का लाइसेंस था या नहीं और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।

जरूरी कदम और सुझाव

1. पटाखों की दुकान और गोदाम के लिए सख्त नियम बनाए जाएं।


2. भीड़भाड़ वाले बाजारों में पटाखों की दुकानें प्रतिबंधित हों।


3. हर दुकान में अग्निशमन यंत्र और आग से बचाव के उचित उपाय हों।


4. पटाखे बेचने के लिए लाइसेंस की अनिवार्यता और कड़ी जांच हो।


5. स्थानीय प्रशासन नियमित रूप से ऐसी दुकानों की सुरक्षा जांच करे।



गढ़वा जिले में हुई इस घटना ने फिर से यह स्पष्ट कर दिया है कि पटाखों की दुकानों और गोदामों की सुरक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता। यदि समय रहते सख्त नियम लागू किए जाएं और दुकानदारों को प्रशिक्षित किया जाए, तो इस तरह के हादसों को रोका जा सकता है। प्रशासन को इस हादसे से सीख लेकर कड़े कदम उठाने होंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाएं न हों।

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