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“सीमांकन के बदले 10 हजार की मांग, 8000 लेते ही धराया पटवारी”

सीमांकन के नाम पर रिश्वत: वाड्रफनगर में पटवारी हेमंत कुजूर 8000 रुपये की घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया

बलरामपुर जिले की वाड्रफनगर तहसील से एक बड़ा भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जहां बरतीकला क्षेत्र में पदस्थ पटवारी हेमंत कुजूर को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा है। आरोप है कि पटवारी ने सीमांकन के एवज में एक प्रार्थी से 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी।

प्रार्थी पिछले कई महीनों से अपनी जमीन का सीमांकन करवाने के लिए तहसील के चक्कर लगा रहा था, लेकिन पटवारी लगातार काम को टालता रहा। आखिरकार, उसने सीमांकन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए 10,000 रुपये की मांग की। इससे परेशान होकर प्रार्थी ने मामले की शिकायत ACB से की।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए ACB की टीम ने जाल बिछाया। योजनाबद्ध तरीके से प्रार्थी को 8,000 रुपये की पहली किश्त लेकर पटवारी के पास भेजा गया। जैसे ही पटवारी ने पैसे लिए, मौके पर पहले से तैनात ACB टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

प्रार्थी वियान

“मैं करीब चार महीने से सीमांकन के लिए लगातार तहसील और पटवारी के पास जा रहा था, लेकिन हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर मुझे टाल दिया जाता था। आखिर में पटवारी ने साफ कहा कि बिना पैसे के काम नहीं होगा। मजबूरी में मैंने ACB से संपर्क किया, ताकि ऐसे लोगों को सबक सिखाया जा सके। मैं चाहता हूं कि बाकी लोग भी डरें और रिश्वतखोरी पर रोक लगे।”

ACB ने पटवारी हेमंत कुजूर को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी ने घूस लेने की बात कबूल की है। इस कार्रवाई के बाद तहसील में अन्य कर्मचारियों में भी हड़कंप मच गया है।

स्थानीय प्रतिक्रिया:


इलाके में पहले भी पटवारी के व्यवहार को लेकर कई शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन पहली बार किसी ने ठोस कार्रवाई के लिए पहल की है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमांकन जैसे ज़रूरी कामों में देरी और पैसे की मांग आम होती जा रही है।

ACB अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ऐसे मामलों में डरने के बजाय शिकायत दर्ज कराएं, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके।

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