सरकारी आदेशों की उड़ाई धज्जियाँ — स्कूल में DXN कंपनी की मीटिंग

ब्रेकिंग न्यूज़ | बलरामपुर
सरकारी स्कूल में प्राइवेट कंपनी की मीटिंग — शिक्षा विभाग की बड़ी चूक उजागर
बलरामपुर ज़िले के शासकीय प्राथमिक शाला बुलगाव में चौंकाने वाली गतिविधि सामने आई है। स्कूल में पढ़ाई समाप्त होने के बाद मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी डीएक्सएन की प्रमोशनल मीटिंग कराई जा रही है। जिसमें ग्रामीण महिलाएं को बुलाकर उन्हें प्रोडक्ट की जानकारी दी जा रही है। यह घटना न सिर्फ शिक्षा की गरिमा के खिलाफ है, बल्कि सरकारी संस्थानों के दुरुपयोग का सीधा उदाहरण है।
स्कूल खोलने की इजाजत किसने दी?
सबसे बड़ा सवाल — सरकारी स्कूल के परिसर में किसी निजी कंपनी को गतिविधि चलाने की अनुमति किसने दी?
क्या शिक्षा विभाग इस मामले से अनजान है?
या फिर विभाग जानबूझकर आँखें मूंदे बैठा है?
सरकार के नियमों की सीधी अवहेलना
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पहले ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी शासकीय कर्मचारी ट्रेडिंग, नेटवर्क मार्केटिंग या नॉन-बैंकिंग प्राइवेट संस्थानों से किसी भी प्रकार की संलिप्तता नहीं रखेगा। फिर भी बूलगांव में इस तरह की मीटिंग कराई जा रही है, जो सिविल सेवा नियमों और सरकारी मंशा दोनों का खुला उल्लंघन है।
शिक्षा विभाग की ज़िम्मेदारी तय होनी चाहिए
इस लापरवाही ने न सिर्फ स्कूल की साख को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ किया गया है। ज़रूरी है कि शिक्षा विभाग तत्काल इस पूरे मामले की जांच कराए और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई करे।
अब शिक्षा विभाग क्या सफाई देगा?
अब निगाहें शिक्षा विभाग पर हैं —
क्या वे इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेंगे?
क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा?


