लुत्ती डैम टूटा: 5 की मौत, 2 लापता,जल संसाधन विभाग की लापरवाही से उजागर हुई बड़ी त्रासदी, गांव में मातम का माहौल

लुत्ती डैम टूटा: तीन की मौत, कई लापता,जल संसाधन विभाग की लापरवाही से उजागर हुई बड़ी त्रासदी, गांव में मातम का माहौल
बलरामपुर-रामानुजगंज।
जिले के ततापानी क्षेत्र में स्थित लुत्ती डैम देर रात भारी बारिश के बाद टूट गया। अचानक आई बाढ़ में दो घर बह गए, जिनमें सो रहे परिवार बाहर निकल भी नहीं पाए। इस भीषण हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई ग्रामीणों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और लोग प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

आधी रात को टूटा डैम, नींद में बह गए लोग
गांववालों के मुताबिक हादसा रात करीब 9/10बजे हुआ। डैम टूटने के बाद पानी तेज़ी से नीचे की ओर आया और ऊंचाई पर बने दो घर इसकी चपेट में आ गए। दोनों घरों में लोग गहरी नींद में थे। उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते पानी सब कुछ बहाकर ले गया।

40-50 साल पुराना डैम, लंबे समय से रिसाव
लुत्ती डैम का निर्माण लगभग 40-50 साल पहले हुआ था। रखरखाव जल संसाधन विभाग के जिम्मे था, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि विभाग ने कभी गंभीरता से इसकी देखरेख नहीं की। डैम में लंबे समय से रिसाव हो रहा था। लोग बार-बार शिकायत करते रहे, लेकिन विभाग ने सिर्फ कागज़ों पर मरम्मत का काम दिखाकर राशि का आहरण कर खानापूर्ति की। लगातार दो महीने से हो रही भारी बारिश के बावजूद विभाग ने अलर्ट जारी करना भी ज़रूरी नहीं समझा।

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे की जानकारी मिलते ही कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा और पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल रात में ही मौके पर पहुंच गए। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। अब तक तीन शव बरामद हो चुके हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है। कई मवेशी भी बाढ़ में बह गए हैं।

ग्रामीणों का गुस्सा, जिम्मेदारी तय करने की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर मरम्मत और चेतावनी दी जाती तो यह हादसा टल सकता था। उनका आरोप है कि विभाग हर साल सिर्फ खानापूर्ति करता रहा और अब उसकी लापरवाही का खामियाजा पूरा गांव भुगत रहा है। लोग जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सरकार की ओर से मदद का आश्वासन
हादसे के बाद कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने तात्कालिक सहायता राशि उपलब्ध कराने के साथ हर संभव मदद का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि पीड़ितों को जल्द ही घर और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही मुख्यमंत्री से भी विशेष सहायता की मांग की गई है।




