लुती डैम टूटा पांच की मौत जल संसाधन विभाग की लापरवाही पर ग्रामीणों का गुस्सा, दो लोग अब भी लापता

लुती डैम टूटा, पांच की मौत – दो लोग अब भी लापता
बलरामपुर।
जिले के ततापानी क्षेत्र में बना लुती डैम शुक्रवार की देर रात टूट गया। अचानक आई बाढ़ में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। कई घर और मवेशी भी पानी में बह गए।

हादसा रात करीब 10 बजे हुआ। डैम टूटने से ऊंचाई पर बने दो मकान बह गए। दोनों परिवार गहरी नींद में थे और बाहर निकलने तक का समय नहीं मिला। SDRF और NDRF की टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर अब तक पांच शव बरामद किए हैं। दो लोग अभी भी लापता हैं।
कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा और पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य जारी है। कई मवेशियों के भी बहने की खबर है।

हादसे के बाद ग्रामीणों में गुस्सा है। उनका कहना है कि अगर समय रहते डैम की मरम्मत होती, तो यह त्रासदी टल सकती थी। ग्रामीणों ने EE और SDO पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलते ही कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम अपने सभी कार्यक्रम निरस्त करते गांव पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया और तात्कालिक सहायता राशि दी। नेताम ने कहा कि प्रभावितों को हर संभव मदद दी जाएगी और मुख्यमंत्री से भी विशेष सहायता की मांग की गई है।

घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। जानकारी के अनुसार, डैम का निर्माण लगभग 40/50 साल पहले किया गया था । रखरखाव जल संसाधन विभाग के जिम्मे था। ग्रामीणों का आरोप है कि डैम में लंबे समय से रिसाव हो रहा था। जानकारी के बावजूद इसके विभाग ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। मेंटेनेंस का काम वर्षों से सिर्फ कागजों तक सीमित रहा।
नींद में बह गए लोग
बताया जा रहा है कि लगातार भारी बारिश के बावजूद जल संसाधन विभाग इस तरफ से कभी भी बांध का निरीक्षण नहीं किया गया था रिशव बढ़ता गया और लगभग 9/10 रात करीब बजे डैम टूटने से ऊंचाई पर बने दो घर पानी में बह गए। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों परिवार गहरी नींद में थे और उन्हें बाहर निकलने का समय तक नहीं मिला।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, NDRF जुटी

घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा और पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल मौके पर पहुंचे। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन ग्रामीण की टीम को कल सुबह तक चार शव बरामद किए गए। सुबह होते-होते एक और शव मिला, जिससे मृतकों की पांच हो गई। एनडीआरएफ
ग्रामीणों का गुस्सा, जिम्मेदारी तय करने की मांग
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि अगर समय रहते मरम्मत और अलर्ट जारी किया जाता, तो यह हादसा टल सकता था। ग्रामीणों का कहना है कि डैम का निर्माण पहाड़ी के नीचे किया गया था, लेकिन जल संसाधन विभाग हर साल सिर्फ कागजों पर मरम्मत दिखाकर खानापूर्ति करता रहा। अब इस लापरवाही का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा है।बलरामपुर

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम।पीड़ित परिवार को बँधाया ढाढ़स दी तात्कालिक सहायता राशि।पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का दिया आश्वासन।
हादसे के बाद अभी 2 लोग लापता को जल्द से जल्द खोजने दिए निर्देश।जिले के आला अधिकारी मौके पर है मौजूद।जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को घर और सहायता राशि देने के दिए निर्देश।पीड़ित परिवार को जरूरी सामग्री का किया वितरण।नेताम ने कहा पीड़ित परिवार के लिए मुख्यमंत्री से भी सहायता का किया गया है माँग।


