नशे में धुत होकर तहसील कार्यालय पहुँचा कानूनगो, जमीन पर गिरा

शराब के नशे में तहसील कार्यालय पहुँचा कानूनगो, जमीन पर गिरा – अस्पताल भेजा गया
बलरामपुर (छत्तीसगढ़): रामानुजगंज तहसील कार्यालय में शुक्रवार को एक शर्मनाक घटना सामने आई। यहाँ पदस्थ कानूनगो प्रवीण लकड़ा शराब के नशे में दफ्तर पहुँचा। हालत इतनी खराब थी कि वह ठीक से चल भी नहीं पाया और जमीन पर गिर पड़ा। बाद में तहसीलदार ने उसे अस्पताल भिजवाया और मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुँचाई।

कैसे हुआ मामला?
शुक्रवार दोपहर प्रवीण लकड़ा अपनी मोटरसाइकिल से कार्यालय पहुँचा। परिसर में दाखिल होते ही उसका संतुलन बिगड़ गया। वह लड़खड़ाते हुए कुछ कदम चला और अचानक गिर पड़ा। कर्मचारियों ने उसे किसी तरह उठाकर एक कमरे में पहुँचाया।

सूचना मिलते ही तहसीलदार मनोज पैकरा मौके पर पहुँचे और तुरंत लकड़ा को नजदीकी सरकारी अस्पताल भिजवाया। साथ ही उन्होंने पूरी घटना की रिपोर्ट बनाकर वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी।
। “अक्सर नशे में आता है दफ्तर”
कार्यालय के कर्मचारियों ने बताया कि प्रवीण लकड़ा पहले भी कई बार शराब पीकर दफ्तर आ चुका है। यही नहीं, दो महीने पहले ही उसका तबादला बलरामपुर तहसील कार्यालय से रामानुजगंज किया गया था, लेकिन यहाँ भी उसकी आदतें नहीं बदलीं।

नेताओं की प्रतिक्रिया
पूर्व जनपद उपाध्यक्ष बीडी लाल गुप्ता ने कहा – “कानूनगो नशे में इतना धुत था कि वह चल भी नहीं पा रहा था। सरकारी दफ्तरों में इस तरह की अनुशासनहीनता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

कानूनगो कौन होता है?
कानूनगो (राजस्व निरीक्षक) राजस्व विभाग का एक महत्वपूर्ण पद है।यह पटवारी और तहसीलदार/नायब तहसीलदार के बीच की कड़ी के रूप में काम करता है।पटवारी या लेखपाल द्वारा तैयार भूमि, लगान और अन्य अभिलेखों की जाँच करता है।पटवारियों के कामकाज का निरीक्षण करता है और अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करता है।इसे भूमि संबंधी कागज़ातों का संरक्षक भी माना जाता है।
अब आगे क्या होगा?
अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रवीण लकड़ा पर विभागीय कार्रवाई होगी या नहीं, लेकिन तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद कड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। विभागीय अनुशासन भंग करने और सरकारी छवि धूमिल करने के मामले में प्रशासन सख्त कदम उठा सकता है।



