डीएफओ आलोक बाजपेयी की पहल से लकड़ी तस्करी और अतिक्रमण पर लगातार नकेल

बलरामपुर।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर बलरामपुर वन मंडल में अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) आलोक बाजपेयी के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने वाड्रफनगर और शंकरगढ़ परिक्षेत्र में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाइयाँ करते हुए तस्करों और अतिक्रमणकारियों पर शिकंजा कसा है। हालिया कार्यवाहियों ने न केवल तस्करी के नेटवर्क को हिला दिया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी वन भूमि की सुरक्षा को नया बल दिया है।
वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार—
11 सितंबर 2025 को वाड्रफनगर क्षेत्र में गश्त के दौरान सागौन लकड़ी से भरा एक ट्रक जब्त किया गया। यह लकड़ी बिना किसी अनुमति के परिवहन की जा रही थी।
12 सितंबर को शंकरगढ़ परिक्षेत्र में बोलेरो पिकअप वाहन से अवैध रूप से सागौन लकड़ी का परिवहन पकड़ा गया। वाहन को तुरंत जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

17 सितंबर को वाड्रफनगर के पी. 685 खंड में लंबे समय से हो रहे अतिक्रमण को हटाकर वन भूमि को मुक्त कराया गया। यहां पुनः वृक्षारोपण कर हरियाली बहाल करने की दिशा में कदम उठाया गया। उसी दिन शंकरगढ़ परिक्षेत्र के पी. 709 खंड में भी अतिक्रमण हटाकर पौध संरक्षण का कार्य संपन्न हुआ।
22 सितंबर को दर्ज एक प्रकरण में सागौन पेड़ों की अवैध कटाई का खुलासा हुआ। विभाग ने मौके से लकड़ी जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30 हजार रुपये आँकी गई है।
इन कार्रवाइयों से स्पष्ट हो गया है कि वन विभाग की रणनीति अब केवल निगरानी तक सीमित नहीं है, बल्कि ठोस कार्रवाई के जरिए तस्करों और अवैध गतिविधियों को रोकने का ठोस प्रयास किया जा रहा है।
वन अधिकारियों का कहना है कि जंगलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी व्यक्ति को वन संपदा को नुकसान पहुँचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। तस्करी और अवैध कटाई जैसी गतिविधियों पर अब बख्शा नहीं जाएगा।
तस्करी नेटवर्क पर कसा शिकंजा
गौरतलब है कि बलरामपुर जिले का वाड्रफनगर और शंकरगढ़ इलाका लंबे समय से लकड़ी तस्करों के निशाने पर रहा है। यहां की सागौन सहित मूल्यवान प्रजातियों की लकड़ी की भारी मांग छत्तीसगढ़ के बाहर भी है। कई राज्यों तक फैला यह नेटवर्क लगातार वन संपदा को नुकसान पहुँचा रहा था। ऐसे में विभाग की सख्त कार्रवाई से इस पर अंकुश लगाने में बड़ी मदद मिलेगी।
जनभागीदारी पर जोर
वन विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध कटाई या लकड़ी तस्करी जैसी गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत विभाग को सूचित करें। अधिकारियों का कहना है कि जनता की सूचना और सहयोग से ही जंगलों को सुरक्षित रखने की यह मुहिम और मजबूत हो सकती है।

भविष्य की तैयारी
डीएफओ आलोक बाजपेयी ने बताया कि विभाग ने निगरानी और कार्रवाई के लिए विशेष गश्ती दल तैयार किए हैं। ड्रोन कैमरों और आधुनिक तकनीक की मदद से भी जंगलों पर पैनी नज़र रखी जाएगी। साथ ही, अतिक्रमण हटाने के बाद उन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण कर हरियाली को पुनर्जीवित किया जाएगा।
इस तरह की सतत कार्रवाई से न केवल तस्करों पर अंकुश लगेगा बल्कि आने वाले समय में बलरामपुर के जंगल और अधिक सुरक्षित एवं हरे-भरे बनेंगे।



