कवियों के लिए सुनहरा अवसर : राज्योत्सव में होगा कवि सम्मेलन, 28 अक्टूबर तक कराएं पंजीयन
बलरामपुर, 26 अक्टूबर 2025।
रजत जयंती वर्ष के अवसर पर बलरामपुर में 2 से 4 नवंबर तक तीन दिवसीय राज्योत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला प्रशासन की ओर से आयोजित कवि सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक कवियों के लिए यह सुनहरा अवसर है। इच्छुक प्रतिभागी 28 अक्टूबर तक अपना पंजीयन करवा सकते हैं।

आयोजन समिति के अनुसार, पंजीयन प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क रखी गई है। इच्छुक कवि दिए गए ऑनलाइन लिंक या स्कैनर के माध्यम से आसानी से अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। चयनित कवियों को राज्योत्सव के दौरान मंच पर अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
जिला प्रशासन का यह प्रयास स्थानीय और क्षेत्रीय रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कवि सम्मेलन में नवोदित और वरिष्ठ दोनों वर्गों के कवियों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं—गीत, ग़ज़ल, छंद, मुक्तक और हास्य-कविता—की प्रस्तुतियों से राज्योत्सव का माहौल और भी जीवंत होने की उम्मीद है। आयोजन समिति ने कवियों से समय पर पंजीयन कर इस रचनात्मक मंच का हिस्सा बनने की अपील की है।
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जिला प्रशासन का यह प्रयास स्थानीय और क्षेत्रीय रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कवि सम्मेलन में नवोदित और वरिष्ठ दोनों वर्गों के कवियों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं—गीत, ग़ज़ल, छंद, मुक्तक और हास्य-कविता—की प्रस्तुतियों से राज्योत्सव का माहौल और भी जीवंत होने की उम्मीद है। आयोजन समिति ने कवियों से समय पर पंजीयन कर इस रचनात्मक मंच का हिस्सा बनने की अपील की है।
जिला प्रशासन का यह प्रयास स्थानीय और क्षेत्रीय रचनात्मक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा साहित्यिक संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस कवि सम्मेलन में नवोदित और वरिष्ठ दोनों वर्गों के कवियों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा।
कार्यक्रम में विभिन्न विधाओं—गीत, ग़ज़ल, छंद, मुक्तक और हास्य-कविता—की प्रस्तुतियों से राज्योत्सव का माहौल और भी जीवंत होने की उम्मीद है। आयोजन समिति ने कवियों से समय पर पंजीयन कर इस रचनात्मक मंच का हिस्सा बनने की अपील की है।




