कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी NH डायवर्सन और रेडियम व्यवस्था फेल, उड़ती धूल और खराब सड़क से बढ़ा श्रद्धालुओं की परेशानी

NH-343 पर अव्यवस्थाएं, कलेक्टर के निर्देशों की अनदेखी, तातापानी महोत्सव में श्रद्धालुओं को परेशानी
बलरामपुर जिले में NH-343 के निर्माण कार्य को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। तातापानी महोत्सव की पूर्व बैठक के दौरान जिला कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने एनएच विभाग के अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सभी डायवर्सन को सही तरीके से चिन्हित किया जाए, रेडियम युक्त संकेतक लगाए जाएं और बाहरी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पोस्टर-बैनर लगाए जाएं। साथ ही तातापानी मुख्य गेट के पास झज्जर पुलिया में छड़ लगाकर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही गई थी।
लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। न तो डायवर्सन को सही ढंग से चिन्हित किया गया और न ही गुणवत्ता युक्त रेडियम लगाया गया। जो रेडियम लगाया गया है, वह इतनी खराब क्वालिटी का है कि रात में लाइट पड़ने पर भी दिखाई नहीं देता। इसके चलते कई बाइक सवारों के गिरने की सूचना मिली है। हालांकि अभी तक किसी बड़ी दुर्घटना की खबर नहीं है, लेकिन खतरा लगातार बना हुआ है।
श्रद्धालुओं का कहना है कि सड़क पर अत्यधिक धूल उड़ रही है और इस बार जिला प्रशासन व संबंधित विभागों की व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं हैं। हर वर्ष की तुलना में इस बार तातापानी महोत्सव में श्रद्धालुओं की संख्या भी कम देखी जा रही है। जबकि यह महोत्सव उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
एनएच विभाग के अधिकारियों द्वारा यह भी कहा गया था कि बलरामपुर से रामानुजगंज तक नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाएगा, ताकि धूल की समस्या न हो। लेकिन पूरी सड़क पर उड़ती धूल उनके कथन और कार्य के बीच साफ अंतर दिखा रही है। न तो कहीं सूचना पटल लगाए गए हैं और न ही पर्याप्त रेडियम संकेतक नजर आ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिला कलेक्टर के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एनएच विभाग के अधिकारी और ठेकेदार इस मामले को गंभीरता से क्यों नहीं ले रहे हैं। यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।




