पुटसुरा में 80 लाख की नल-जल कागजों में घर-घर पानी, हकीकत में एक भी नल नहीं चालू; फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र का आरोप

पुटसुरा में 80 लाख की नल-जल योजना अधूरी, ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की मांग
बलरामपुर। जिला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पुटसुरा में नल-जल योजना के तहत करीब 80 लाख रुपये की लागत से पानी टंकी, पाइपलाइन और स्टैंड पोस्ट का निर्माण कराया गया। उद्देश्य था हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाना। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि योजना कागजों में पूरी दिखा दी गई, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।

घरों तक नहीं पहुंचा पानी
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में टंकी खड़ी है, पाइपलाइन बिछाई गई है और कई स्थानों पर स्टैंड पोस्ट भी लगाए गए हैं, लेकिन अब तक एक भी घर में नियमित पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हुई। वार्ड क्रमांक 8 सहित अन्य वार्डों के आदिवासी परिवारों को आज भी आधा से एक किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है।

गांव के निवासी राहुल गुप्ता का कहना है कि कार्य की गति बेहद धीमी रही और निर्माण की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है। उनका आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कई जगह पाइपलाइन ठीक से नहीं जोड़ी गई और कुछ स्थानों पर अधूरा काम छोड़ दिया गया।

ग्राम सभा में गलत प्रस्तुति का आरोप
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्राम अधौरा में आयोजित एक सभा में दूसरे गांव के लोगों को पुटसुरा का निवासी बताकर यह दर्शाया गया कि सभी घरों में पानी पहुंच रहा है। इस संबंध में हस्ताक्षर भी कराए गए। ग्रामीणों का कहना है कि हकीकत में किसी भी घर में पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई है।
फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र की आशंका
ग्रामीणों के अनुसार, नल-जल योजना के अंतर्गत लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से कार्य कराया जाता है। कार्य पूर्ण होने के बाद ग्राम सभा में सरपंच और सचिव के हस्ताक्षर के साथ पूर्णता प्रमाण पत्र लिया जाता है। लाभार्थियों से भी पूछा जाता है कि उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं। इसके बाद दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड कर शेष राशि जारी की जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर यह प्रक्रिया सिर्फ कागजों में पूरी दिखाकर राशि जारी कर दी जाती है। पुटसुरा में भी इसी तरह फर्जी तरीके से कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र लेने की आशंका जताई जा रही है।
विभाग को सौंपी गई शिकायत
मामले को लेकर ग्रामीणों ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता से लिखित शिकायत कर जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक गांव में पानी की समस्या दूर नहीं होगी।
विभाग का पक्ष
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मौके पर जाकर जांच की जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों की मांग है कि योजना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रत्येक घर तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें बुनियादी सुविधा के लिए भटकना न पड़े।



