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khabar30.in की खबर का बड़ा असर, पंडो-पहाड़ी कोरवा बस्तियों में देर रात हुआ बोर खनन,लापरवाह सचिव पर कब होगी कार्रवाई

khabar30.in की खबर का फिर असर: पंडो और पहाड़ी कोरवा बस्तियों में देर रात हुआ बोर खनन, लापरवाह सचिव पर उठे सवाल


बलरामपुर/औरंगा।
जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाली khabar30.in की खबर का एक बार फिर बड़ा असर देखने को मिला है। ग्राम पंचायत औरंगा में राष्ट्रपति दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पंडो एवं पहाड़ी कोरवा जनजाति की तीन बसाहटों में लंबे समय से पेयजल संकट बना हुआ था। ग्रामीण दूषित पानी पीने को मजबूर थे, जिससे बीमारी फैलने का खतरा लगातार बना हुआ था।


इस गंभीर समस्या को khabar30.in ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए देर रात दो स्थानों पर बोर खनन कराया। बोर खनन शुरू होने से ग्रामीणों में राहत और खुशी का माहौल देखा गया। वर्षों से पानी की समस्या झेल रहे आदिम जनजाति परिवारों को अब स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद जगी है।


हालांकि इस कार्रवाई के बाद ग्राम पंचायत के जिम्मेदार सचिव की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई वर्षों से सचिव पद पर जमे जिम्मेदार अधिकारी ने कभी इन पिछड़ी जनजातियों की मूलभूत समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर आदिम जनजाति परिवारों को दूषित पानी पीने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा?


स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि मीडिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से नहीं उठाया होता तो शायद आज भी पंडो और पहाड़ी कोरवा परिवार गंदा पानी पीने को मजबूर रहते। अब क्षेत्र में चर्चा इस बात की है कि क्या प्रशासन केवल बोर खनन कर खानापूर्ति करेगा या फिर वर्षों से लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार सचिव पर भी कार्रवाई की जाएगी।


ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में आदिम जनजाति परिवारों की समस्याओं की अनदेखी न हो और शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ जरूरतमंदों तक पहुंच सके।

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