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भूजल संवर्धन की दिशा में बलरामपुर की अभिनव पहल, प्रदर्शित हुआ 5 प्रतिशत मॉडल

जल संचयन एवं भूजल संवर्धन की दिशा में अभिनव पहल, सुशासन तिहार में आकर्षण का केंद्र बना 5 प्रतिशत मॉडल


बलरामपुर, 30 मई 2026। जिले में जल संरक्षण एवं भूजल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से संचालित मोर गांव मोरे पानी अभियान के तहत विकसित 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक एवं सोख्ता गड्ढा का प्रदर्शन सुशासन तिहार में किया गया। यह मॉडल जनप्रतिनिधियों, किसानों और आम नागरिकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के रामविचार नेताम ने मॉडल का अवलोकन किया और इसकी उपयोगिता की सराहना करते हुए जल संरक्षण से जुड़े ऐसे नवाचारों को व्यापक स्तर पर अपनाने की आवश्यकता बताई।
प्रदर्शनी में 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक के माध्यम से वर्षा जल संचयन एवं भूजल पुनर्भरण की प्रक्रिया को प्रदर्शित किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि इस मॉडल के तहत खेत के लगभग 5 प्रतिशत हिस्से में जल संग्रहण संरचना विकसित की जाती है, जहां वर्षा का अतिरिक्त पानी एकत्र होकर धीरे-धीरे भूमि में समाहित होता है। इससे भूजल स्तर में वृद्धि होती है, खेतों में लंबे समय तक नमी बनी रहती है तथा किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त जल उपलब्ध होता है।
इसके साथ ही सोख्ता गड्ढा को भी जल संरक्षण का प्रभावी माध्यम बताया गया। घरों, शासकीय भवनों और सार्वजनिक स्थलों से निकलने वाले अतिरिक्त पानी को भूमि के भीतर पहुंचाकर यह संरचना भूजल पुनर्भरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे जलभराव की समस्या कम होती है तथा वर्षा जल का संरक्षण सुनिश्चित होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सोख्ता गड्ढों का निर्माण जल संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक सिद्ध हो रहा है।
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 5 प्रतिशत मॉडल रिचार्ज स्ट्रक्चर टैंक एवं सोख्ता गड्ढा जैसे सरल और प्रभावी उपायों से वर्षा जल का अधिकतम उपयोग किया जा सकता है। इन संरचनाओं के व्यापक निर्माण से भूजल स्तर में सुधार होगा तथा किसानों और ग्रामीण समुदाय को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।


जिला प्रशासन द्वारा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नवाचार किए जा रहे हैं। सुशासन तिहार में इन मॉडलों की प्रस्तुति ने लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ गांव स्तर पर जल संरचनाओं के निर्माण के लिए प्रेरित किया। यह पहल जिले में सतत जल प्रबंधन और संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन तथा जिला पंचायत सीईओ नयनतारा सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिले में जल संरक्षण कार्यों में जनभागीदारी बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से 5 प्रतिशत मॉडल को अभियान के रूप में अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा विभिन्न बैठकों और चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा सामाजिक संगठनों को इसकी जानकारी दी जा रही है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे 5 प्रतिशत मॉडल को जनआंदोलन का स्वरूप देने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि जनभागीदारी आधारित यह पहल जल संरक्षण के साथ जिले के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सके।

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