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कलेक्टर के लेटरहेड पर नोटिस जारी करने पर जिला शिक्षा अधिकारी को कलेक्टर और संयुक्त संचालक का कारण बताओं नोटिस

कलेक्टर के लेटरहेड पर नोटिस जारी कर फंसे DEO, प्रशासनिक प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल

बलरामपुर-रामानुजगंज। कलेक्टर के लेटरहेड पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) स्वयं सवालों के घेरे में आ गए हैं। उन्हें जारी कारण बताओ नोटिस में स्पष्ट रूप से आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किया और कलेक्टर कार्यालय के लेटरहेड का उपयोग करते हुए नोटिस जारी किया।

मामले ने प्रशासनिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। जानकारों का कहना है कि जिला शिक्षा अधिकारी जैसे वरिष्ठ अधिकारी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे किसी भी पत्र या आदेश को जारी करने से पहले उसके अधिकार क्षेत्र, प्रक्रिया और वैधानिक पक्ष का परीक्षण करें। ऐसे में कलेक्टर कार्यालय के लेटरहेड पर हस्ताक्षर कर नोटिस जारी किया जाना उनकी प्रशासनिक समझ और कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है।



बताया जा रहा है कि कार्यालय कलेक्टर के पत्र क्रमांक 5757/शिक्षा जांच/2026 दिनांक 27 मई 2026 के तहत व्याख्याता राजेन्द्र कुमार देवागन को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। यही पत्र अब जिला शिक्षा अधिकारी के लिए परेशानी का कारण बन गया है।

“यह वह नोटिस है, जिसके आधार पर कलेक्टर द्वारा उन्हें नोटिस जारी किया गया।”
जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 24/04/2026 को एक अन्य पत्र भी जारी किया गया था, जिस पर भी कार्यालय कलेक्टर का लेटरहेड अंकित था। ऐसी त्रुटि एक बार अनजाने में हो सकती है, किंतु बार-बार एक ही प्रकार की गलती होना गंभीर प्रश्न उत्पन्न करता है।"
जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा एक और लेटर हेड जारी किया गया था जो 24/04/2026 इस इस पर भी कार्यालय कलेक्टर का लेटर हेड है उसके माध्यम से जारी हुआ



प्रशासनिक नियमों के जानकारों का मानना है कि किसी भी अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र की पूरी जानकारी होती है। ऐसे में यदि कलेक्टर कार्यालय के लेटरहेड का उपयोग कर नोटिस जारी किया गया है तो यह केवल एक तकनीकी त्रुटि नहीं बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर विषय माना जाएगा। यही वजह है कि नोटिस में इसे घोर लापरवाही, स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता एवं अकर्मण्यता की श्रेणी में रखा गया है।

संयुक्त संचालक शिक्षा का नोटिस
इसी मामले में संभागीय संयुक्त संचालक, शिक्षा सरगुजा संभाग, Ambikapur ने भी जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित खबर के अनुसार कलेक्टर कार्यालय के लेटरहेड का उपयोग कर नोटिस जारी करना नियम विरुद्ध है और यह अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन दर्शाता है।
अधिकारी से 3 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है, अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।



सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस अधिकारी पर अधीनस्थ कर्मचारियों और शिक्षकों को नियमों का पालन कराने की जिम्मेदारी है, वही अधिकारी अब अपने कार्यों को लेकर जवाब देने की स्थिति में आ गया है। इससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी को दो दिनों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि उनका स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को प्रस्ताव भेजा जा सकता है।

फिलहाल पूरे मामले में निगाहें जिला शिक्षा अधिकारी के जवाब पर टिकी हैं। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकता है।

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