राधाकृष्णनगर पंचायत में वित्तीय अनियमितता का मामला गरमाया, पंचायत सचिव निलंबित, सरपंच पर धारा 40 की कार्रवाई की मांग
पंचायत सचिव ललित सिंह निलंबित, अब सरपंच बबली पर धारा 40 की कार्रवाई की मांग

राधाकृष्णनगर पंचायत में वित्तीय अनियमितता के आरोप, पंचायत सचिव निलंबित; सरपंच पर धारा 40 की कार्रवाई की मांग
बलरामपुर। ग्राम पंचायत राधाकृष्णनगर में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मामले में पंचायत सचिव ललित सिंह को निलंबित किए जाने के बाद अब उपसरपंच, पंचों और ग्रामीणों ने सरपंच बबली के खिलाफ छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई कर पद से हटाने की मांग तेज कर दी है।
ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत राधाकृष्णनगर में सरपंच बबली और पंचायत सचिव ललित सिंह के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायत की गई थी। शिकायत की जांच के लिए कार्यालयीन आदेश क्रमांक 544/पंचा./पंचा.स्था./2026, दिनांक 03 जुलाई 2026 के माध्यम से तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई थी।
जांच के दौरान पंचायत सचिव ललित सिंह से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), कैशबुक, निर्माण कार्यों से संबंधित नस्ती सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तीन बार निर्देशित किया गया। जांच प्रतिवेदन के अनुसार निर्देश के बावजूद संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।
दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने और जांच में सहयोग नहीं करने के मामले को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3(1), (2) एवं (3) के विपरीत कदाचरण माना गया। इसके बाद छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 के तहत पंचायत सचिव ललित सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत बलरामपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

सचिव पर कार्रवाई के बाद सरपंच पर कार्रवाई की मांग
पंचायत सचिव के निलंबन के बाद अब ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत में सरपंच की भूमिका की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उपसरपंच, पंच और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच बबली के खिलाफ कार्रवाई लंबित है और उन्हें कार्रवाई से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और जनपद पंचायत सीईओ सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर सरपंच के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में यदि वित्तीय अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

71 ग्रामीणों ने सौंपा आवेदन
इस मामले में उपसरपंच विशाखा मंडल, पंच सविता, राजकुमारी, सरस्वती, सचिन विश्वास सहित अन्य ग्रामीणों ने आवेदन प्रस्तुत किया है। आवेदन में कुल 71 ग्रामीणों के समर्थन का उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव ललित सिंह के निलंबन आदेश की छायाप्रति भी संलग्न की है।
ग्रामीणों की प्रमुख मांग है कि पंचायत में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जांच में सरपंच की भूमिका अथवा अनियमितता प्रमाणित होने पर धारा 40 के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पंचायत सचिव ललित सिंह के निलंबन के बाद सरपंच बबली के खिलाफ कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की मांग तेज हो गई है। अब पूरे मामले में प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सबकी नजर है।



