रामानुजगंज में बोटिंग की शुरुआत,महिला समूह को संचालन की जिम्मेदारी

रामानुजगंज वन वाटिका में फिर गूंजा रौनक का माहौल, नौका विहार शुरू—आधे किराए में परिवारों को मिलेगा आनंद

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित वन वाटिका एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार होने की ओर बढ़ रही है। लंबे समय से बंद पड़ी नौका विहार (बोटिंग) सुविधा को नई व्यवस्थाओं के साथ पुनः शुरू कर दिया गया है। इस पहल से न सिर्फ पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय लोगों, खासकर महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रविवार शाम आयोजित एक सादगीपूर्ण लेकिन उत्साहपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम ने नौका विहार का विधिवत शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी, पुलिस बल और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान बच्चों के लिए तैयार किए गए चिल्ड्रन पार्क का भी लोकार्पण किया गया, जिससे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया।

मंत्री नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि विकास का अर्थ केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं है, बल्कि लोगों की जरूरतों को समझकर उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराना ही असली विकास है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहलें स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करती हैं और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही रोजगार के अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने युवाओं की मांग को ध्यान में रखते हुए यहां ओपन जिम, बैठने की बेहतर व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने का आश्वासन भी दिया।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनेगा संचालन मॉडल

इस बार नौका विहार की सबसे खास बात इसका संचालन मॉडल है। वन प्रबंधन समिति के अंतर्गत “विश्वास महिला स्वयं सहायता समूह” को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मंत्री ने समूह की महिलाओं से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और उन्हें सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे समूह की महिलाओं को नियमित आय का स्रोत मिलेगा और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी। साथ ही, स्थानीय स्तर पर एक बेहतर प्रबंधन व्यवस्था भी विकसित होगी।
पूर्व किराएनिर्धारण में मंत्री जी के निर्देश पर बड़ा बदलाव किया गया है, जिस से परिवारों के साथ आने वालों को राहत मिलेगा
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए बोटिंग शुल्क में भी अहम बदलाव किया गया है। पहले जहां प्रति व्यक्ति 100 रुपये (15 मिनट) लिया जाता था, वहीं अब 3 से 6 लोगों के लिए कुल 300 रुपये (15 मिनट) निर्धारित किया गया है। इस नई व्यवस्था से परिवार के साथ आने वाले पर्यटकों को सीधा फायदा होगा।वहीं, पैडल बोट और पतवार बोट का किराया पहले की तरह 50 रुपये प्रति व्यक्ति (15 मिनट) रखा गया है, ताकि हर वर्ग के लोग इस सुविधा का आनंद ले सकें।
पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी

वन विभाग ने वन वाटिका को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की व्यापक योजना बनाई है। आने वाले समय में यहां औषधीय वाटिका, पतंजलि वाटिका, कॉटेज, जिपलाइन, आकर्षक लाइटिंग और विभिन्न स्टैचू स्थापित किए जाएंगे।
इन सुविधाओं के विकसित होने से यह स्थान न केवल स्थानीय बल्कि राज्यस्तर पर भी एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में उभर सकता है। इससे आसपास के क्षेत्रों में होटल, दुकानों और अन्य व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।
सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान
पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार सुरक्षा और प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। वन वाटिका परिसर में निजी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जिससे भीड़ नियंत्रण और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।आगंतुकों के लिए अलग पार्किंग व्यवस्था की गई है, जहां बाइक के लिए 10 रुपये और कार के लिए 30 रुपये शुल्क तय किया गया है। साथ ही, परिसर को प्लास्टिक मुक्त रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
सीमावर्ती क्षेत्र का मिलेगा लाभ
झारखंड सीमा के करीब स्थित होने के कारण रामानुजगंज क्षेत्र पहले से ही आसपास के लोगों के लिए एक पसंदीदा जगह रहा है। अब बोटिंग जैसी आकर्षक सुविधा शुरू होने से यहां पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है।
करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहे इस पर्यटन स्थल में 5 एकड़ में वन वाटिका तैयार की गई है। वर्ष 2009 से इसका संचालन वन प्रबंधन समिति द्वारा किया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि पहले भी यहां नौका विहार शुरू किया गया था, लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते इसे बंद करना पड़ा था। इस बार नई योजना, बेहतर प्रबंधन और महिला समूह की भागीदारी के साथ इसे फिर से शुरू किया गया है।
यदि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में रामानुजगंज वन वाटिका न केवल एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बनेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देने वाला केंद्र साबित हो सकता है।



