अवैध धान परिवहन पर कलेक्टर की सख्ती, अंतरराज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी शुरू

बलरामपुर जिले में अवैध धान परिवहन पर कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई, अंतरराज्यीय सीमाओं पर कड़ी निगरानी
छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी का सीजन शुरू हो गया है। धान खरीदी शुरु होते ही बिचौलियों की हलचल भी बढ़ जाती है। बलरामपुर जिले में वर्षों से यह समस्या सामने आती रही है कि उत्तर प्रदेश और झारखंड की ओर से धान का अवैध परिवहन कर जिले में खपाया जाता है। इससे शासन को राजस्व नुकसान होता है, और स्थानीय किसानों के हित भी प्रभावित होते हैं। इसी चिंता को देखते हुए कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने सोमवार को रामानुजगंज अंतरराज्यीय जांच नाका का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सीमा पर तैनात अमले से धान खरीदी सीजन में बढ़ने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने वाहन जांच व्यवस्था, दस्तावेज सत्यापन प्रणाली, सीसीटीवी कवरेज तथा रात में निगरानी के लिए की गई तैयारियों को बारीकी से परखा। अधिकारियों ने बताया कि अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए अतिरिक्त स्टाफ की तैनाती की गई है और निगरानी टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।

कलेक्टर कटारा ने स्पष्ट कहा कि बाहरी राज्यों से धान लाकर जिले में खपाने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना वैध दस्तावेज वाले किसी भी वाहन को तुरंत रोका जाए और आवश्यक जांच के बाद ही आगे बढ़ने दिया जाए। संदिग्ध वाहनों पर विशेष नजर रखने, जानकारी मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने और हर स्तर पर सतर्कता बढ़ाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
उन्होंने यह भी कहा कि खरीदी केंद्रों पर दबाव कम करने और स्थानीय किसानों के हित सुरक्षित रखने के लिए अवैध धान प्रवाह को रोकना जरूरी है। कलेक्टर ने सीमा नाके पर मौजूद अधिकारियों से कहा कि वे केंद्र और जिला स्तर पर बनाए गए नियंत्रण कक्ष से लगातार संपर्क में रहें ताकि किसी भी तरह की गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

निरीक्षण के बाद प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में दूसरे नाकों पर भी इसी प्रकार की सघन जांच और औचक निरीक्षण किए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों और पुलिस टीमों को संयुक्त रूप से अभियान चलाने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
कलेक्टर की इस सख्ती के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जिले में अवैध धान परिवहन पर काफी हद तक रोक लगेगी और स्थानीय किसानों को खरीदी सीजन का पूरा लाभ मिल सकेगा।


