मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, बलरामपुर में फूंका पुतला
मतदाता सूची में युवाओं के नाम नहीं जुड़ने और एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, बलरामपुर में फूंका गया पुतला
मतदाता सूची में युवाओं के नाम नहीं जुड़ने और एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल, जिला अध्यक्ष हरिहर यादव ने लगाया गंभीर आरोप
बलरामपुर। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद कांग्रेस ने देशभर में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में बलरामपुर जिले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष हरिहर यादव ने किया। उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार के साथ-साथ चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्रत्येक भारतीय नागरिक को मतदान करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त होता है, लेकिन मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया को लेकर बड़ी संख्या में युवाओं को कथित तौर पर उनके मताधिकार से वंचित किया गया।

फॉर्म-6 की प्रक्रिया पर उठाए सवाल
हरिहर यादव ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म-6 की प्रक्रिया में बदलाव के कारण बड़ी संख्या में ऐसे युवा मतदाता परेशान हुए, जिन्होंने 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली थी। उन्होंने कहा कि कई युवाओं के नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाए और वे अपने जीवन के पहले मतदान के अधिकार से वंचित रह गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से उनके माता-पिता और दादा-दादी से संबंधित जानकारी तक मांगी गई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष के मुताबिक, इस प्रक्रिया के चलते बड़ी संख्या में पात्र युवा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके।
हरिहर यादव ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि कोई पात्र नागरिक केवल मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण मतदान नहीं कर पाता है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर युवाओं के साथ खड़ी है और जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

एसआईआर को लेकर भी चुनाव आयोग पर निशाना
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने बिहार सहित उन राज्यों का भी जिक्र किया, जहां चुनाव से पहले एसआईआर (Special Intensive Revision) के माध्यम से मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया चलाए जाने को लेकर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं।
हरिहर यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटा दिए गए। उनका दावा है कि इनमें से बड़ी संख्या में लोगों के नाम चुनाव के बाद दोबारा मतदाता सूची में शामिल किए गए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया जाता है तो उसके पीछे स्पष्ट कारण और निर्धारित प्रक्रिया होनी चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि बिना पर्याप्त कार्रवाई और सूचना के बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
भाजपा को फायदा पहुंचाने का लगाया आरोप
हरिहर यादव ने चुनाव आयोग की इस पूरी प्रक्रिया को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में नाम हटाने और जोड़ने की प्रक्रिया के पीछे राजनीतिक मंशा रही है और इससे भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी लोकतंत्र के लिए गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, बलरामपुर में फूंका पुतला
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इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
बलरामपुर में पुतला दहन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में पात्र युवाओं के नाम जोड़ने, मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
हरिहर यादव ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस ने आरोपों की निष्पक्ष जांच कराने और मतदाता सूची से संबंधित पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। वहीं, कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर चुनाव आयोग और भाजपा की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।



