राजस्व–कृषि विभाग की संयुक्त कार्रवाई,निर्धारित दर से अधिक बिक्री पर अब होगी एफआईआर

अवैध खाद कारोबार पर प्रशासन का शिकंजा,Khabar30.in की खबर का असर, दो पिकअप जब्त – कई दुकानों पर नोटिस
बलरामपुर, 27अगस्त।
जिले में अवैध खाद परिवहन और कालाबाज़ारी पर प्रशासन की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। Khabar30.in में प्रकाशित खबर का असर साफ तौर पर दिखा, जिसके बाद राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापामार कार्रवाई की। इस दौरान दो पिकअप वाहनों से 100 बोरी यूरिया जब्त की गई, जबकि कई उर्वरक दुकानों में अनियमितता मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं।

टिकीडीरी में बड़ी कार्रवाई
रामानुजगंज एस.डी.एम. राजस्व आनंद नेताम के मार्गदर्शन में गठित संयुक्त टीम ने मंगलवार को रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम टिकीडीरी में छापा मारा। जांच के दौरान दो पिकअप वाहनों में 50-50 बोरी यूरिया बिना किसी वैध दस्तावेज के परिवहन करते हुए पाए गए। वाहन चालकों से जब कागजात मांगे गए तो वे कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने दोनों वाहनों और खाद को जब्त कर थाना रामचंद्रपुर को सौंप दिया। तहसीलदार रामचंद्रपुर ने बताया कि एक यूरिया पिकअप जो रास्ते में ही यूरिया विक्रय कर रहा था जिसे थाने बुलाया गया था एवं आवश्यक दस्तावेज की मांग की गई थी प्रस्तुत करने के बाद आवश्यक दिशा निर्देश देने के बाद उसे छोड़ दिया गया और हिदायत दी गई कि अपने दुकान में ही विक्रय करें आगे उन्होंने बताया कि बिना अनुमति व दस्तावेज के खाद का परिवहन पूर्णतः अवैध है और इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सेवा केंद्र पर नोटिस
इसी क्रम में रामचंद्रपुर स्थित नारायण कृषि सेवा केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। टीम को जांच के दौरान दुकान पर उर्वरक मूल्य सूची प्रदर्शित नज़र नहीं आई। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए संचालक को नोटिस थमाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसानों से निर्धारित दर से अधिक मूल्य लेने पर दुकानदारों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे, जिनमें लाइसेंस निलंबन, निरस्तीकरण और एफआईआर तक शामिल है।

विकासखंडों में औचक निरीक्षण
बलरामपुर जिले के विकासखंड के अंतर्गत कृषि विभाग की टीम ने निजी उर्वरक दुकानों का औचक निरीक्षण किया। टीम ने दुकानों पर पास मशीन में दर्ज उर्वरक की मात्रा और भौतिक रूप से रखे गए स्टॉक का मिलान किया। कई जगहों पर दोनों में अंतर पाया गया। इस पर संबंधित दुकानदारों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया। साथ ही स्टॉक पंजी, मूल्य सूची और किसानों को दिए जाने वाले बिलों की भी गहन जांच की गई। टीम ने सभी संचालकों को निर्देशित किया कि उर्वरक केवल निर्धारित दर पर ही किसानों को बेचा जाए और हर लेन-देन का रिकॉर्ड ठीक तरह से रखा जाए।

वाड्रफनगर में गड़बड़ी उजागर
वाड्रफनगर में प्रशासन की टीम ने अजय ट्रेडर्स, पटेल फर्टिलाइज़र सहित कई दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अजय ट्रेडर्स में पास मशीन और भौतिक भंडारण में अनियमितता सामने आई। टीम ने इसे गंभीर मामला मानते हुए तत्काल विक्रय पर रोक लगा दी। वहीं अन्य दुकानों में भी चेतावनी और नोटिस जारी कर भविष्य में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी न करने की हिदायत दी गई।

प्रशासन का सख्त संदेश
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने साफ कहा है कि जिले में किसानों को उर्वरक की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। यदि कोई दुकानदार कालाबाज़ारी करता है या तय दर से अधिक कीमत वसूलता है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाते रहेंगे ताकि किसानों को उचित दर और पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध हो सके।
किसानों को राहत की उम्मीद
इन कार्रवाइयों से किसानों में यह संदेश गया है कि प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो चुका है। फसल सीजन में खाद की कमी और कालाबाज़ारी की आशंका हमेशा बनी रहती है। ऐसे में अवैध भंडारण और परिवहन पर नकेल कसने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है
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