ग्राम सभा में जमकर हंगामा! पंचायत सचिव दिनेश ठाकुर पर गंभीर आरोप, मारपीट की बात वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

ग्राम सभा में हंगामा, पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप; मारपीट की बात वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
रामचंद्रपुर। जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत कानपुर में आयोजित ग्राम सभा के दौरान जमकर हंगामा हुआ। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव दिनेश ठाकुर पर विभिन्न शासकीय योजनाओं में लापरवाही बरतने और हितग्राहियों की समस्याओं का समय पर निराकरण नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति मारपीट करने की बात कहता हुआ दिखाई दे रहा है।
योजनाओं की राशि आहरित, लेकिन काम नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत में विभिन्न योजनाओं के लिए राशि आहरित किए जाने के बावजूद अब तक संबंधित कार्य नहीं कराए गए हैं। इसको लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन की जांच कराने की मांग की है।
चार महीने बाद भी नाम में सुधार नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दस्तावेजों में नाम गलत दर्ज होने के बावजूद चार महीने बीत जाने पर भी पंचायत सचिव द्वारा उसे सही नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत स्तर पर होने वाली इस तरह की लापरवाही के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है और शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें आती हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
ग्राम सभा के दौरान हुए विवाद का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति मारपीट करने की बात कहता नजर आ रहा है। इस घटनाक्रम ने मामले को और गंभीर बना दिया है। हालांकि, वायरल वीडियो और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
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जनपद पंचायत तक पहुंचा मामला, कार्रवाई पर टिकी निगाहें
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद मामला जनपद पंचायत तक पहुंच गया है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। पंचायत सचिव पर लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाना जरूरी है।
यदि जांच में शासकीय योजनाओं में अनियमितता या लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में हितग्राहियों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।
वहीं, किसी भी शासकीय कर्मचारी के खिलाफ शिकायत होने पर कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराना चाहिए। मारपीट की धमकी देना या कानून हाथ में लेना उचित नहीं है। यदि इस संबंध में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है। पंचायत सचिव पर लगाए गए आरोपों की जांच, संबंधित पक्षों का बयान और वायरल वीडियो की वास्तविकता सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।



