शिव गुरु महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

शिव गुरु महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित हजारों श्रद्धालु हुए शामिल
रामानुजगंज के खेल मैदान में भव्य आयोजन, छत्तीसगढ़ समेत झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से पहुंचे शिव शिष्य; दीदी बरखा आनंद और भैया हर्षित आनंद ने किया शिव को गुरु बनाने का आह्वान
बलरामपुर/रामानुजगंज। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज स्थित खेल मैदान में शिव गुरु महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। आध्यात्मिक आस्था, श्रद्धा और सामाजिक समरसता के संदेश से जुड़े इस आयोजन में बड़ी संख्या में शिव शिष्यों ने भाग लिया। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम में लगभग 20 हजार लोग शामिल हुए। छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम अपनी धर्मपत्नी पुष्पा नेताम के साथ महोत्सव में शामिल हुए। वहीं, पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
महोत्सव में शिव चर्चा सुनने के लिए छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के साथ-साथ झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश से भी शिव शिष्य रामानुजगंज पहुंचे। विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं की सहभागिता से खेल मैदान में भव्य आयोजन का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव को गुरु मानने, आध्यात्मिक विचारों को आत्मसात करने और समाज में आपसी प्रेम एवं भाईचारे को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
दीदी बरखा आनंद और भैया हर्षित आनंद ने किया शिव को गुरु बनाने का आह्वान
शिव गुरु महोत्सव में मुख्य रूप से दीदी बरखा आनंद और भैया हर्षित आनंद ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने लोगों से भगवान शिव को अपना गुरु बनाने का आह्वान किया। शिव चर्चा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने तथा आपसी प्रेम, सम्मान और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित शिव शिष्यों ने पूरे उत्साह के साथ शिव चर्चा में भाग लिया। आयोजन में विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों से आए लोगों की सहभागिता ने यह दर्शाया कि शिव गुरु परिवार से जुड़े लोग आध्यात्मिक चर्चा के माध्यम से आपस में जुड़ रहे हैं।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने की शिव चर्चा की सराहना
कार्यक्रम में शामिल छत्तीसगढ़ के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने शिव गुरु महोत्सव की सराहना की। उन्होंने कहा कि वे पहले भी इस तरह के आध्यात्मिक आयोजनों में शामिल होते रहे हैं। शिव को गुरु मानकर बड़ी संख्या में लोगों का शिव चर्चा में भाग लेना एक सकारात्मक पहल है। इससे लोगों के बीच आध्यात्मिक जुड़ाव बढ़ता है और एक अच्छा संगठन तैयार होता है।
मंत्री नेताम ने शिव शिष्यों के बीच समानता और आपसी भाईचारे की भावना को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि शिव चर्चा में शामिल होने वाले सभी लोग आपस में गुरु भाई-बहन हैं। यहां कोई बड़ा या छोटा नहीं है। सभी एक-दूसरे को समान भाव से देखते हैं।
उन्होंने कहा कि जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर एक-दूसरे को गुरु भाई-बहन मानने की भावना समाज को जोड़ने का काम करती है। इस प्रकार के आयोजन लोगों को आपसी सद्भाव और समानता का संदेश देते हैं।
कृषि मंत्री ने स्वयं को शिव शिष्य बताते हुए उपस्थित गुरु भाई-बहनों के समक्ष भगवान शिव को अपना गुरु बनाने की बात भी रखी। उनके संबोधन में आध्यात्मिक आस्था के साथ सामाजिक समरसता और समानता पर विशेष जोर रहा।

जात-पात और भेदभाव से ऊपर उठकर समानता का संदेश
शिव गुरु महोत्सव का प्रमुख संदेश सामाजिक भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी प्रेम और भाईचारे को बढ़ावा देना रहा। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि शिव को गुरु मानने वाले सभी लोग एक-दूसरे के प्रति सम्मान का भाव रखें और गुरु भाई-बहन के रिश्ते को महत्व दें।
आयोजन में विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने सामाजिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को भी प्रदर्शित किया। अलग-अलग क्षेत्रों से आने के बावजूद सभी शिव शिष्य एक मंच पर एकत्रित हुए और आध्यात्मिक चर्चा में भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान शिव गुरु परिवार से जुड़े लोगों ने भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। शिव चर्चा के माध्यम से लोगों को आध्यात्मिक विचारों से जोड़ने और सामाजिक सद्भाव की भावना को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया।

विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु, रामानुजगंज में दिखा उत्साह
रामानुजगंज के खेल मैदान में आयोजित इस महोत्सव में स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में शिव शिष्य पहुंचे। झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में लगभग 20 हजार लोगों की सहभागिता रही। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति से आयोजन को भव्य स्वरूप मिला। शिव चर्चा सुनने और आध्यात्मिक संदेश ग्रहण करने के लिए लोग उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में शामिल हुए।
महोत्सव में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति के साथ-साथ शिव गुरु परिवार के सदस्यों और स्थानीय सहयोगियों की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने किया आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के समापन अवसर पर पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने आभार प्रदर्शन किया। उन्होंने आयोजन में शामिल हुए अतिथियों, विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिव शिष्यों और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने आयोजन से जुड़े लोगों के सहयोग और सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम, उनकी धर्मपत्नी पुष्पा नेताम, पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल की उपस्थिति प्रमुख रही।
शिव गुरु परिवार की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
शिव गुरु महोत्सव को सफल बनाने में शिव गुरु परिवार के पंचम कुशवाहा और मनोज यादव सहित पूरी टीम ने विशेष सक्रियता दिखाई। आयोजन की तैयारियों से लेकर कार्यक्रम के संचालन तक टीम के सदस्यों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वहीं, स्थानीय सहयोगी नगर पालिका अध्यक्ष रमन अग्रवाल और शैलेश गुप्ता ने भी आयोजन को सफल बनाने में पूरा सहयोग दिया। आयोजकों और सहयोगियों के सामूहिक प्रयास से रामानुजगंज के खेल मैदान में भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ।
आस्था, समानता और भाईचारे का संदेश देकर संपन्न हुआ महोत्सव
रामानुजगंज में आयोजित शिव गुरु महोत्सव ने आध्यात्मिक चर्चा के साथ सामाजिक समानता और आपसी सद्भाव का संदेश दिया। कार्यक्रम में शामिल वक्ताओं ने भगवान शिव को गुरु बनाने का आह्वान किया, वहीं कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने जात-पात से ऊपर उठकर सभी को समान मानने की भावना की सराहना की।
करीब 20 हजार लोगों की सहभागिता वाले इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के साथ अन्य राज्यों से भी शिव शिष्य पहुंचे। श्रद्धालुओं की व्यापक उपस्थिति और शिव गुरु परिवार के सदस्यों के सहयोग से महोत्सव भव्य रूप में संपन्न हुआ।



