
बच्चों के हक का चावल बेचने का आरोप, प्रधान पाठक पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
बलरामपुर, छत्तीसगढ़।
विकासखंड रामचंद्रपुर के मेघुली गांव स्थित पूर्व माध्यमिक शाला में मिड-डे मील योजना में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल के प्रधान पाठक द्वारा बच्चों के लिए आए चावल को निजी वाहन में लोड कर बाजार में बेचा जा रहा था।
घटना का वीडियो ग्रामीणों ने मोबाइल में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी से लिखित शिकायत की, जिसके बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया और तत्काल जांच के निर्देश दिए।
शनिवार की है घटना
स्थानीय ग्रामीण विजय बहादुर सिंह ने बताया कि यह घटना शनिवार की है। बच्चों की छुट्टी के बाद करीब चार बजे एक मालवाहक वाहन स्कूल परिसर में पहुंचा। प्रधान पाठक की निगरानी में चावल की बोरियां वाहन में लोड की जा रही थीं। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 12 से 13 बोरियां पहले ही लोड हो चुकी थीं।
वापस रखवाए गए बोरे
जब ग्रामीणों ने सवाल उठाए और वीडियो बनाना शुरू किया, तो प्रधान पाठक ने आनन-फानन में चावल की बोरियों को वापस भंडारण कक्ष में रखवा दिया। जांच के दौरान स्कूल में कुल 26 चावल की बोरियां पाई गईं।
जांच में सामने आया गड़बड़ी का संकेत
सहायक खंड शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी की टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि जहां स्टॉक में लगभग 5 क्विंटल चावल होना चाहिए था, वहां करीब 15 क्विंटल चावल (20–25 बोरी) पाया गया। यह अतिरिक्त स्टॉक कहां से आया, और उसे बाजार में क्यों ले जाया जा रहा था — इस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
क्या बोले अधिकारी
विकासखंड शिक्षा अधिकारी सदानंद कुशवाहा ने बताया कि मामला गंभीर है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर प्रधान पाठक के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


