
प्रधानमंत्री जनमन एवं ग्रामीण आवास योजना में लापरवाही पर जिला प्रशासन सख्त, 65 पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस
23 मई तक प्रस्तुत करना होगा स्पष्टीकरण, नहीं तो होगी एकपक्षीय कार्यवाही
बलरामपुर, प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण कार्यों में लगातार लापरवाही और असंतोषजनक प्रगति को लेकर जिला पंचायत बलरामपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिले के कुल 65 ग्राम पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिला सीईओ द्वारा यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब शासन स्तर से इन योजनाओं की समयबद्ध पूर्णता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। बावजूद इसके, संबंधित सचिवों द्वारा ना तो अपेक्षित कार्यप्रगति सुनिश्चित की गई और ना ही पूर्व में जारी निर्देशों का पालन किया गया।
पहले दी गई चेतावनी हुई बेअसर
विकासखण्ड राजपुर के 11 पंचायत सचिवों को पहले ही चेतावनी स्वरूप नोटिस जारी कर सात कार्य दिवसों के भीतर कार्य में प्रगति लाने और स्पष्टीकरण देने का अवसर प्रदान किया गया था। परन्तु न तो कोई ठोस प्रगति हुई और न ही निर्धारित समयसीमा में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। इसे सीईओ तोमर ने गंभीर प्रशासनिक लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा कार्य के प्रति उदासीनता माना है।
यह आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत माना गया है और इसे कदाचरण की श्रेणी में रखते हुए संबंधित सचिवों को 23 मई 2025 तक व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर प्रदान किया गया है। अनुपस्थिति या असंतोषजनक उत्तर की स्थिति में उनके विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्यवाही की चेतावनी दी गई है।

अन्य विकासखण्डों के सचिव भी लापरवाही के घेरे में
राजपुर के अलावा जिले के अन्य विकासखण्डों में भी आवास निर्माण कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस आधार पर बलरामपुर विकासखण्ड के 10, कुसमी के 9, शंकरगढ़ के 5, वाड्रफनगर के 10 तथा रामचंद्रपुर के 12 ग्राम पंचायत सचिवों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इन सभी सचिवों को निर्देशित किया गया है कि वे 23 मई 2025 को प्रातः 11:00 बजे तक उपस्थित होकर निर्माण कार्य में सुधार के साथ-साथ संतोषजनक जवाब प्रस्तुत करें। अन्यथा उनके विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
प्रशासन की सख्त मंशा
जिला प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया है कि प्रधानमंत्री जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनदेखी या अनुत्तरदायित्व बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीईओ श्रीमती तोमर ने कहा कि यह योजनाएँ आमजन के जीवन स्तर में सुधार के लिए हैं और इनकी समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे संवेदनशीलता एवं उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें।



