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“पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, लंबित मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई”

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

पीवी ऐप की व्यवहारिक समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर पटवारी संघ करेगा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

13 अक्टूबर से तहसील रामानुजगंज-रामचंद्रपुर के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर , वेतन विसंगति और पदोन्नति नहीं मिलने से भी नाराजगी

रामानुजगंज। राजस्व पटवारी संघ छत्तीसगढ़ के बैनर तले तहसील रामानुजगंज-रामचंद्रपुर के पटवारी अपनी विभिन्न लंबित मांगों और पीवी (फसल भौतिक सत्यापन) ऐप में आ रही व्यवहारिक एवं तकनीकी समस्याओं को लेकर 13 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को बाध्य हुए हैं। पटवारी संघ का कहना है कि पीवी ऐप की समस्याओं का समाधान किए बिना काम का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, वर्षों से लंबित वेतन विसंगति और पदोन्नति की मांगों पर भी शासन स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं होने से पटवारियों में नाराजगी है।

पीवी ऐप की समस्याओं के समाधान की मांग

राजस्व पटवारी संघ के अनुसार, पीवी ऐप के माध्यम से कराए जा रहे फसल भौतिक सत्यापन कार्य में कई व्यवहारिक और तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन समस्याओं से शासन और विभाग को पूर्व में ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस एवं व्यवहारिक समाधान नहीं निकाला गया है। संघ ने समस्याओं का निराकरण किए बिना पटवारियों पर कार्य पूरा करने का दबाव बनाने की नीति का विरोध किया है।

कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी, फिर भी कार्रवाई से नाराजगी

पटवारियों का कहना है कि वे डिजिटल क्रॉप सर्वे, एग्रीस्टैक पंजीयन, किसान पंजीयन, बकेट क्लेम, जनगणना के प्रथम चरण, लघु सिंचाई संगणना, रेलवे सर्वे, राष्ट्रीय राजमार्ग सर्वे, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, स्वामित्व योजना, सेवा संकल्प शिविर और प्रोटोकॉल सहित कई महत्वपूर्ण शासकीय कार्यों का निर्वहन कर रहे हैं।

इसके बावजूद पीवी ऐप की समस्याओं के चलते कार्य का बहिष्कार करने पर बलौदाबाजार जिले में संघ के पदाधिकारियों एवं अन्य पटवारियों के स्थानांतरण और कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने तथा महासमुंद जिले में पटवारियों के निलंबन की कार्रवाई से संघ में आक्रोश है।

संघ ने इन कार्रवाइयों को अनुचित बताते हुए संबंधित आदेशों को तत्काल निरस्त करने की मांग की है। संघ का कहना है कि पटवारियों से अन्य सभी शासकीय कार्यों की अपेक्षा की जाती है, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय कार्रवाई करना उचित नहीं है।

वर्षों से पदोन्नति का इंतजार, वेतन विसंगति से भी परेशानी

पटवारी संघ की प्रमुख मांगों में वर्षों से लंबित पदोन्नति और वेतन विसंगति का निराकरण शामिल है। संघ के अनुसार, कई पटवारियों को लंबे समय से पदोन्नति का लाभ नहीं मिला है। वहीं, वेतन विसंगति के कारण पुराने पटवारियों को कुछ मामलों में नए पटवारियों से भी कम वेतन मिल रहा है। इससे कर्मचारियों में असंतोष व्याप्त है।

संघ ने शासन से मांग की है कि वेतन विसंगति दूर करने और पदोन्नति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तत्काल सकारात्मक पहल की जाए। साथ ही, इन मांगों को लंबे समय तक लंबित रखने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

सम्मान और कार्यों को लेकर भी पटवारियों में नाराजगी

पटवारियों का कहना है कि समय के साथ उनके कार्यों और जिम्मेदारियों को लेकर आमजन के बीच कई तरह की धारणाएं बन गई हैं। उनका आरोप है कि पटवारियों से कुछ कार्य और अधिकार छीने जाने के कारण उनकी भूमिका को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। वहीं, भ्रष्टाचार से जुड़ी सामान्यीकृत धारणाओं के कारण पूरे पटवारी वर्ग की छवि प्रभावित होती है।

संघ के सदस्यों का कहना है कि कई बार अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने के बावजूद उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जाता। इससे पटवारियों में उपेक्षा और असम्मान की भावना बढ़ रही है। उनका मानना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का संवाद के माध्यम से समाधान किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर न होना पड़े।

मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन

राजस्व पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि पीवी ऐप की व्यवहारिक एवं तकनीकी समस्याओं का समाधान, संबंधित कार्रवाई का निराकरण, वेतन विसंगति दूर करने और लंबित पदोन्नति की मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाना आवश्यक है।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों का निराकरण नहीं किया गया, तो पटवारी अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रखने को बाध्य होंगे। संघ ने आंदोलन से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन पर होने की बात कही है।

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