निलंबित एसडीएम करुण डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला

बलरामपुर। कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया से जुड़ा ग्रामीण की मौत का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को जब पुलिस आरोपी डहरिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कुसमी पहुंची, तो क्षेत्र में पहले से व्याप्त आक्रोश अचानक फूट पड़ा और बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए।

जानकारी के अनुसार, जैसे ही ग्रामीणों को पता चला कि निलंबित पूर्व एसडीएम करुण डहरिया को पुलिस पूछताछ के लिए क्षेत्र में लाई है, गांवों से लोग एकत्र होकर सड़क पर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस के काफिले को घेर लिया और “एसडीएम को फांसी दो” के नारे लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हालात कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गए और पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले कुसमी क्षेत्र में एक ग्रामीण के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट करने का आरोप तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया पर लगा था। बताया जाता है कि मारपीट के बाद गंभीर रूप से घायल ग्रामीण को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया और क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से एसडीएम करुण डहरिया को निलंबित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था।

इसी मामले में आगे की जांच और पूछताछ के लिए पुलिस ने अदालत से रिमांड लिया था। बुधवार को इसी सिलसिले में पुलिस उन्हें कुसमी क्षेत्र लेकर पहुंची थी। लेकिन इसकी भनक लगते ही ग्रामीणों में आक्रोश जंगल की आग की तरह फैल गया और देखते ही देखते सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए।
स्थिति को बिगड़ता देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाइश दी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति पर काबू पाया जा सका।
एहतियात के तौर पर पूरे कुसमी इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं मृतक के परिजनों का कहना है कि जब तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।




