रामानुजगंज में मतदाता सूची से नाम विलोपन पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप, एसडीएम से जांच की मांग

हेडलाइन:
रामानुजगंज में मतदाता सूची से नाम विलोपन पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया साजिश का आरोप, एसडीएम से जांच की मांग
रामानुजगंज (बलरामपुर):
मतदाता सूची से नाम विलोपन को लेकर रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा सुनियोजित तरीके से वर्ग विशेष और कांग्रेस समर्थित मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए बड़ी संख्या में प्रारूप-7 के आवेदन जमा कराए गए हैं। इस मामले को गंभीर बताते हुए ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मधु गुप्ता के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्ष 2003 के बाद पंजीकृत मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के बाद मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया गया और निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण कर मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। इसके साथ ही सभी राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की प्रतियां भी उपलब्ध करा दी गईं

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस पूरी प्रक्रिया के बाद रामानुजगंज विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मतदान केंद्रों में भाजपा के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों द्वारा बड़ी संख्या में प्रारूप-7 के माध्यम से नाम विलोपन के आवेदन प्रायोजित तरीके से जमा कराए गए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ये आवेदन विशेष रूप से वर्ग विशेष और कांग्रेस समर्थित मतदाताओं को निशाना बनाकर दिए गए हैं, जो संदेहास्पद है।
कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि यदि कोई व्यक्ति ऐसे मतदान केंद्र के मतदाता का नाम हटाने के लिए आवेदन करता है, जहां वह स्वयं निवासी नहीं है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे मामलों की भी जांच की जाए, जहां किसी अन्य व्यक्ति के नाम से आवेदन देकर मतदाता सूची से नाम काटने की कोशिश की गई है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि कई स्थानों पर ऐसे लोगों के नाम से आवेदन जमा किए गए हैं, जिन्होंने स्वयं किसी भी प्रकार का आवेदन देने से इनकार किया है। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरी प्रक्रिया लोकतांत्रिक व्यवस्था से छेड़छाड़ के समान है और यदि इसकी निष्पक्ष जांच नहीं की गई तो भविष्य में चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो सकते हैं।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि जिन-जिन मतदान केंद्रों से प्रारूप-7 के माध्यम से नाम विलोपन के आवेदन प्राप्त हुए हैं, उन सभी आवेदकों की सूची मतदान केंद्रवार सार्वजनिक की जाए, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और यह स्पष्ट हो सके कि किसने किसके नाम से आवेदन किया है।
मामले को लेकर ग्राम पंचायत चंदननगर के निवासी गुलाब नबी अंसारी ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके गांव के दो मतदान केंद्र क्रमांक 155 और 156 से क्रमशः 25 और 75 लोगों के नाम काटने के लिए आवेदन भेजे गए हैं। उनके अनुसार कुल 100 मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई है, जबकि ये सभी लोग गांव के स्थायी निवासी हैं और अधिकांश एक ही समुदाय से जुड़े हुए हैं।
गुलाब नबी अंसारी ने यह भी दावा किया कि जिन पांच लोगों के नाम से आवेदन दिए गए, उन्होंने स्वयं इस बात से इनकार कर दिया है कि उन्होंने कोई आवेदन किया है। इससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की आशंका और भी गहरा गई है। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री अजय गुप्ता ने कहा कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के कुछ ही दिनों बाद बड़ी संख्या में नाम विलोपन के आवेदन दिए गए हैं, जिन्हें तत्काल बीएलओ के पास भेज दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन पर दबाव बनाकर कांग्रेस समर्थित और वर्ग विशेष के मतदाताओं को सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
वहीं, ज्ञापन प्राप्त करने के बाद नायब तहसीलदार आइसी यादव ने बताया कि कांग्रेस की ओर से सौंपा गया ज्ञापन प्राप्त कर लिया गया है और इसे एसडीएम तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई नहीं की गई तो वे जनता के बीच जाकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनके अनुसार मतदाताओं के अधिकारों से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



