पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला,शादी और पैसों का झांसा देकर किया दुष्कर्म, कोर्ट ने सुनाई 20-20 साल कैद

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में तीनों आरोपी 20 वर्ष की सजा से दंडित
बलरामपुर। रघुनाथ नगर थाने के नाबालिग से दुष्कर्म के चर्चित मामले में फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (पॉक्सो) ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास और ₹20,000-₹20,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। दोषियों में महेंद्र खैरवार (36), उसकी पत्नी कबिलासो (33), और ठाकुरदास कुशवाहा (36) शामिल हैं।
मामला
24 फरवरी 2023 को नाबालिग के परिजनों की शिकायत पर रघुनाथ नगर थाने में अपराध दर्ज किया गया था। आरोप था कि रिश्ते के मामा महेंद्र खैरवार र ने विवाह का झांसा देकर नाबालिग को अपने घर पर रखा। इस दौरान महेंद्र और उसके साथी ठाकुरदास ने लगभग दो सप्ताह तक नाबालिग से लगातार दुष्कर्म किया। महेंद्र की पत्नी कबिलासो पीड़िता को आरोपियों के साथ रहने के लिए मजबूर करती थी और पैसे का लालच भी देती थी।
पीड़िता को दिन में जंगल में छुपाकर रखा जाता था और रात में घर लाया जाता था। परिवारजन इस दौरान समझ रहे थे कि बच्ची अपने नानी के घर है। बाद में पीड़िता ने परिजनों को पूरी घटना बताई और मामला थाने में दर्ज कराया गया।
न्यायालय की कार्यवाही
प्रकरण की सुनवाई फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक राजेंद्र गुप्ता ने पैरवी की। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 368, 370, 376 एवं पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।



