
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरगुजा जिलामुख्यालय के एकदिवसीय प्रवास के दौरान एक अप्रत्याशित घटना सामने आई है। अंबिकापुरके पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित आमसभा के दौरान एक महिला ने सुरक्षा के लिए बनाए गए बैरिकेड को लांघते हुए मंच के सामने पहुंचने की कोशिश की।महिला ने अस्पताल में इलाज न होने का आरोप लगाया, जिससे माहौल गर्मा गया। इसे साफ जाहिर होता है कि सरगुजा संभाग में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं किस तरीके से चर्मरागई हैं एक महिला को अपनी गुहार लगाने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने जाना पड़ा

घटना का विवरण
मुख्यमंत्री की सभा के दौरान महिला अचानक सुरक्षा घेरे को तोड़कर मंच के सामने पहुंचने लगी।महिला डी-घेरा को तोड़ने ही वाली थी कि वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे काफी मशक्कत के बाद रोक लिया।

मुख्यमंत्री साय ने मंच से इस घटना को देखा और महिला को अपने पास बुलाकर उसकी समस्या सुनी।
हालांकि, मुख्यमंत्री और महिला के बीच क्या बातचीत हुई, इस बारे में अभी तक जानकारी नहीं मिली है।
मुख्यमंत्री का सरगुजा दौरा: विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरगुजा जिले के पीजी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित आमसभा में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 495.23 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया।
दौरान उपस्थित मंत्री और नेता:

रामविचार नेताम,लक्ष्मी राजवाड़े,श्यामबिहारी जायसवाल,सरगुजा सांसद चिंतामणि महराज,क्षेत्रीय विधायक और अन्य गणमान्य नेता भी सभा में मौजूद थे।
मुख्यमंत्री द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों का विवरण:
कुल लागत: 495.23 करोड़ रुपए
विकास कार्यों में सड़क निर्माण, सीवेज सिस्टम और अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।
सुरक्षा में सवाल और जनता की समस्याएं
महिला द्वारा बैरिकेड लांघने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद महिला मंच तक पहुंचने के करीब थी।इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की सतर्कता पर ध्यान आकर्षित किया है।
मुख्यमंत्री का इस घटना पर तुरंत ध्यान देना और महिला से बातचीत करना उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। हालांकि, महिला की समस्या और मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन का खुलासा होना बाकी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सरगुजा दौरा विकास कार्यों और क्षेत्रीय समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण रहा। सभा के दौरान हुई अप्रत्याशित घटना ने प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, लेकिन मुख्यमंत्री का तत्काल हस्तक्षेप जनता के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।




