तातापानी महोत्सव का मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे शुभारंभ, 200 जोड़ों का सामूहिक विवाह,नामचीन कलाकारों की प्रस्तुतियों से सजेगा तीन दिवसीय महोत्सव

तातापानी महोत्सव 2026: तैयारियों का अंतिम दौर, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ, सांस्कृतिक रंगों से सजेगा तीन दिवसीय आयोजन

बलरामपुर, मकर संक्रांति पर्व के पावन अवसर पर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल तातापानी में आयोजित होने वाला तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव 2026 इस वर्ष भव्य और ऐतिहासिक रूप लेने जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ 14 जनवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री जिले में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा महोत्सव की सभी तैयारियां लगभग पूर्ण कर ली गई हैं और आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल है।
सामरी विधायक, कलेक्टर व एसपी ने लिया तैयारियों का जायजा

महोत्सव की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने सामरी विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर रमनलाल सहित प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधियों का दल मेला स्थल पहुंचा। इस दौरान वनमंडलाधिकारी आलोक बाजपेयी, रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष ओमप्रकाश जायसवाल, नगर पालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी, जिला पंचायत सीईओ एवं नोडल अधिकारी नयनतारा सिंह तोमर, अपर कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी अभिषेक गुप्ता समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मेला परिसर, तपेश्वर महादेव मंदिर क्षेत्र, सामूहिक विवाह स्थल, मुख्य मंच, दर्शक दीर्घा, पार्किंग, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से अवलोकन किया। कलेक्टर एवं एसपी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित की जाएं।200 जोड़ों का सामूहिक विवाह बनेगा मुख्य आकर्षण
तातापानी महोत्सव के पहले दिन 14 जनवरी को मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 200 जोड़ों का विवाह भव्य रूप से संपन्न होगा। इस समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सहित अन्य मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है, वहीं विवाह में शामिल होने वाले जोड़ों एवं उनके परिजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
पैरासेलिंग और साहसिक गतिविधियां पहली बार
इस वर्ष तातापानी महोत्सव में रोमांच का तड़का भी लगेगा।

200 जोड़ों का सामूहिक विवाह बनेगा मुख्य आकर्षण
तातापानी महोत्सव के पहले दिन 14 जनवरी को मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत 200 जोड़ों का विवाह भव्य रूप से संपन्न होगा। इस समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहेंगे। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है, वहीं विवाह में शामिल होने वाले जोड़ों एवं उनके परिजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
इस वर्ष तातापानी महोत्सव में रोमांच का तड़का भी लगेगा।
मेला स्थल एवं आरागाही हवाई पट्टी में पैरासेलिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जो युवाओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। प्रशासन द्वारा सुरक्षा मानकों का पूरा ध्यान रखते हुए अनुभवी प्रशिक्षकों की व्यवस्था की गई है।
सांस्कृतिक संध्याओं में दिखेगा लोक-संस्कृति का रंग
तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान हर शाम रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें स्कूली छात्र-छात्राओं, स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ प्रदेश व देश के प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

14 जनवरी को छत्तीसगढ़ी लोकसंस्कृति के प्रख्यात गायक एवं पद्मश्री सम्मानित अनुज शर्मा अपनी प्रस्तुति देंगे।
15 जनवरी को दोपहर में जिले के समस्त पंच–सरपंचों के लिए किसान संगोष्ठी एवं पंच-सरपंच सम्मेलन आयोजित होगा। संध्या में बॉलीवुड गायक आदित्य नारायण की प्रस्तुति के साथ छात्र-छात्राओं द्वारा ट्राइबल फैशन वॉक में आदिवासी संस्कृति, वेशभूषा और परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिलेगी।
16 जनवरी को भोजपुरी सिनेमा एवं संगीत जगत के चर्चित कलाकार रितेश पाण्डेय, खुशी ककड़ और डिम्पल सिंह अपनी प्रस्तुतियों से समापन संध्या को यादगार बनाएंगे।
श्रद्धा, संस्कृति और पर्यटन का संगम
अपने गर्म जल स्रोत, धार्मिक मान्यता और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण तातापानी देशभर में प्रसिद्ध है। हर वर्ष मकर संक्रांति पर यहां लाखों श्रद्धालु स्नान एवं पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इस विशाल जनसमूह को देखते हुए यातायात, सुरक्षा, स्वास्थ्य, अग्निशमन एवं आपात सेवाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।
तातापानी महोत्सव 2026 न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि यह जिले की संस्कृति, पर्यटन और विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का माध्यम भी साबित होगा।




