स्वामी विवेकानंद जयंती पर दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित…

मनेंद्रगढ़। स्वामी विवेकानंद की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में संभाग के उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थान दिल्ली वर्ल्ड पब्लिक स्कूल, मनेंद्रगढ़ में उत्साहपूर्ण एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद के जीवन, उनके आदर्शों एवं युवा शक्ति के महत्व पर आधारित विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जो राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा से ओतप्रोत रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ विशेष प्रातः प्रार्थना सभा के साथ हुआ। सर्वप्रथम विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने स्वामी विवेकानंद जी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्पण किया। इस अवसर पर विद्यालय की वरिष्ठ समन्वयक रशमिंदर कौर चावला तथा प्री-प्राइमरी कक्षाओं की समन्वयक पूनम तिवारी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की अगली कड़ी में कक्षा छठवीं की छात्रा ने अंग्रेज़ी भाषा में अपने भाषण के माध्यम से कहा कि राष्ट्रीय युवा दिवस महान चिंतक, दार्शनिक एवं युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस विद्यार्थियों को उनके विचारों, आदर्शों एवं जीवन मूल्यों से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान करता है, जो उन्हें एक सशक्त और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में मार्गदर्शन करता है।

इसके पश्चात वरिष्ठ छात्रों द्वारा स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वहीं कक्षा नवमीं के छात्र समर्थ साहू ने हिंदी में दिए गए अपने ओजस्वी व्याख्यान में कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार आज के युवाओं को आत्मविश्वास, परिश्रम और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य को पहचानने और समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इसी क्रम में कक्षा छठवीं के छात्र-छात्राओं द्वारा समय के सदुपयोग पर आधारित एक प्रेरणादायक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. बसंत कुमार तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद जी के प्रसिद्ध कथन—
“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए”—का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वाक्य केवल शब्द नहीं, बल्कि युवाओं के जीवन का मंत्र है। उन्होंने कहा कि आज का युवा केवल शिक्षित ही नहीं, बल्कि संस्कारवान, जिम्मेदार और राष्ट्रभक्त होना चाहिए। सशक्त, जागरूक और नैतिक मूल्यों से युक्त युवा ही सच्चे राष्ट्र निर्माण की नींव रखते हैं।

विद्यालय की निदेशिका पूनम सिंह ने अपने संदेश में कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और उनके विचार आज भी युवाओं को आत्मविश्वास, साहस और सेवा भाव का मार्ग दिखाते हैं। युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि यह शक्ति सही दिशा में प्रवाहित हो जाए, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को विकसित करना है।
कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं स्मरणीय सिद्ध हुआ।



