टीचर्स एसोसिएशन का सरकार से सीधा सवाल – कब मिलेगा शिक्षकों को न्याय?

शिक्षकों के हक की लड़ाई में नया मोड़, क्रमोन्नत वेतनमान पर शासन से तत्काल आदेश की मांग
सोना साहू केस के बाद शिक्षकों की बढ़ी उम्मीदें, टीचर्स एसोसिएशन ने तेज किया अभियान
छत्तीसगढ़ में एलबी संवर्ग के शिक्षकों के लिए क्रमोन्नत वेतनमान लागू कराने को लेकर शिक्षकों की उम्मीदें फिर से जागी हैं। सोना साहू प्रकरण में उच्च न्यायालय के फैसले के बाद, अब राज्यभर के शिक्षक यह आशा कर रहे हैं कि सरकार उनके लिए भी जनरल आदेश जारी करेगी।
छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को सामान्य प्रशासन विभाग के 2006 और 2017 के आदेशों का पालन करते हुए एलबी संवर्ग के शिक्षकों को क्रमोन्नत वेतनमान देने का आदेश जारी करना चाहिए।
शिक्षकों की मुख्य मांगें
1. क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ सभी पात्र शिक्षकों को मिले
सामान्य प्रशासन विभाग ने 2006 और 2017 में क्रमोन्नति वेतनमान को लेकर आदेश जारी किया था।
पहली क्रमोन्नति 10 साल बाद और दूसरी 20 साल बाद दी जानी चाहिए।
अभी तक एलबी संवर्ग के सभी शिक्षकों को इस आदेश का पूर्ण लाभ नहीं मिल सका है।
2. वित्त विभाग के 2009 के आदेश का सही क्रियान्वयन हो
यदि कोई कर्मचारी एक विभाग से दूसरे विभाग में शामिल होता है, तो उसकी पहले की सेवा को समयमान वेतनमान की गणना में जोड़ा जाना चाहिए।
शिक्षकों की मांग है कि शासन इस आदेश का लाभ एलबी संवर्ग के शिक्षकों को भी प्रदान करे।
3. ग्रेच्युटी, अवकाश नगदीकरण और पेंशन संबंधी मांगें
टीचर्स एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि:
ग्रेच्युटी का लाभ सभी शिक्षकों को समान रूप से दिया जाए।
अवकाश नगदीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए।पेंशन के लिए पहली नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना की जाए।शिक्षकों की आवाज बुलंद, संघर्ष के लिए तैयार एसोसिएशन
टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शासन जल्द आदेश जारी नहीं करता, तो वे शिक्षक मोर्चा के साथ मिलकर बड़े स्तर पर संघर्ष करेंगे।
इस अभियान को आगे बढ़ाने में प्रमुख रूप से शामिल नेता हैं:
संजय शर्मा (प्रदेश अध्यक्ष)
सुधीर प्रधान (प्रदेश संयोजक)
वाजिद खान, हरेंद्र सिंह, देवनाथ साहू, बसंत चतुर्वेदी, प्रवीण श्रीवास्तव, डॉ. कोमल वैष्णव, शैलेन्द्र यदु (प्रदेश उपाध्यक्ष)
मनोज सनाढ्य (प्रदेश सचिव)
शैलेन्द्र पारीक (प्रदेश कोषाध्यक्ष)
राजेश्वर कुशवाहा (ब्लॉक अध्यक्ष, रामचंद्रपुर)
क्या कहता है शिक्षकों का भविष्य?
अगर शासन जल्द आदेश जारी करता है, तो यह प्रदेशभर के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत होगी।वेतनमान में वृद्धि होगी, जिससे शिक्षकों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा।पेंशन और अन्य सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी।शिक्षकों को उनके अधिकार मिलेंगे, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
अब सबकी निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या सरकार शिक्षकों की मांगों को मानकर आदेश जारी करेगी, या फिर शिक्षकों को संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा?


