अवैध उत्खनन की जांच के दौरान कथित मारपीट, दो घायल; पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद एसडीएम सहित चार गिरफ्तार

हत्या के आरोप में एसडीएम सहित चार आरोपी गिरफ्तार
बलरामपुर, कुसमी।
बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड के हंसपुर गांव में राजस्व टीम पर आदिवासी ग्रामीणों के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। इस घटना में एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मामले ने पूरे इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। पुलिस ने एसडीएम सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया है।
अवैध उत्खनन की सूचना पर पहुंची टीम, ग्रामीणों से मारपीट का आरोप
घटना करोंधा थाना क्षेत्र के हंसपुर गांव की है। कथित अवैध बॉक्साइट उत्खनन की सूचना पर कुसमी एसडीएम करुण डहरिया, नायब तहसीलदार पारस शर्मा और अन्य सहयोगी देर रात करीब दो बजे गांव पहुंचे थे। उस समय गांव में बॉक्साइट लदे ट्रक को लेकर पहले से तनाव बताया जा रहा था।
इसी दौरान खेत से घर लौट रहे 62 वर्षीय रामनरेश राम, 60 वर्षीय अजीत उरांव और 20 वर्षीय आकाश अगरिया को टीम ने रोक लिया। आरोप है कि बिना ठोस पूछताछ के तीनों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। गंभीर रूप से घायल रामनरेश राम को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अन्य दो घायलों का इलाज जारी है।
घायलों का आरोप: “क्यों मार रहे हैं, यह भी नहीं बताया”
घायल आकाश कुमार ने बताया कि वे गेहूं की फसल में सिंचाई कर घर लौट रहे थे। रास्ते में लोगों ने उन्हें रोककर लाठी-डंडों से मारना शुरू कर दिया। उन्होंने पूछा भी कि क्यों मार रहे हैं, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। उनके अनुसार, एक सफेद बोलेरो पर “छत्तीसगढ़ शासन एसडीएम” लिखा था और एक काली महिंद्रा थार गाड़ी भी मौके पर थी।
अजीत राम ने भी कहा कि खेत से लौटते समय उन पर हमला किया गया और वे बेहोश हो गए। उन्होंने बताया कि तीनों साथ थे, जिनमें से रामनरेश राम की मौत हो गई।
प्रदर्शन और चक्का जाम
घटना के बाद कुसमी के शिव चौक पर सर्व आदिवासी समाज और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने चक्का जाम कर नारेबाजी की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठी।
पूर्व विधायक महेश्वर पर ने कहा कि बिना किसी कसूर के ग्रामीण की पिटाई कर उसकी जान ले ली गई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की। स्थानीय निवासी सोमनाथ भगत ने भी एसडीएम पर पहले से विवादित और प्रताड़ना के आरोप लगाए।
हत्या का मामला दर्ज, एसडीएम मुख्य आरोपी
दोपहर करीब 3:30 बजे पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। करीब डेढ़ घंटे की कार्रवाई के बाद एसडीएम करुण डहरिया और उनके सहयोगी विक्की सिंह, मंजीत यादव और सुदीप यादव के खिलाफ नामजद हत्या का अपराध दर्ज किया गया।
बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर रमनलाल ने प्रेस नोट जारी कर बताया कि एसडीएम मुख्य आरोपी हैं और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आगे की जांच जारी है।
पहले भी विवादों में रहे हैं एसडीएम
करुण डहरिया पूर्व में भी विवादों में रह चुके हैं। वर्ष 2022 में कथित रूप से 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। बोरवेल खनन से जुड़े मामले में पैसे मांगने का आरोप लगा था।
इस पूरी घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर है कि जांच कितनी निष्पक्ष और तेज होती है, और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
राजनीतिक संरक्षण और कलेक्टर से नजदीकियों के चलते गंभीर आरोपों के बावजूद एसडीएम पद पर बने रहे।
इसी संरक्षण ने मनोबल बढ़ाया और क्षेत्र में कथित अवैध गतिविधियां जारी रहीं।
देर रात ब्लैक थार में आए लोग कौन थे? वे प्रशासनिक अधिकारी नहीं थे, तो एसडीएम के साथ वहां क्या कर रहे थे?
यह पूरा घटनाक्रम कई गंभीर सवाल खड़े करता है।






