नर हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत, शिवपुर में तीसरी जनहानि

नर हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत, शिवपुर में तीसरी जनहानि
रामानुजगंज/शिवपुर। रामानुजगंज वन परिक्षेत्र के ग्राम शिवपुर में रविवार सुबह नर हाथी के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई। मृतक की पहचान शिवपुर निवासी इन्द्रनाथ सिंह (59) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इन्द्रनाथ सिंह घर के पीछे जंगल क्षेत्र में भैंस चराने गए थे। इसी दौरान झारखंड की ओर से पहुंचे नर हाथी ने उन पर हमला कर दिया। घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पीछे से पहुंचा हाथी, बचने का नहीं मिला मौका
जानकारी के अनुसार इन्द्रनाथ सिंह जंगल क्षेत्र में भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान एक नर हाथी उनके पीछे से पहुंचा। उस समय इन्द्रनाथ जमीन पर बैठे हुए थे। हाथी ने पीछे से उन्हें सूंड या पैर से धक्का दिया और इसके बाद कुचल दिया। अचानक हुए हमले के कारण ग्रामीण को संभलने या बचने का मौका नहीं मिल सका।
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और विजयनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना की जानकारी जुटाई। वन विभाग के अनुसार झारखंड की ओर से एक नर हाथी शिवपुर के जंगल क्षेत्र में पहुंचा था और इसी दौरान उसका सामना जंगल में भैंस चरा रहे इन्द्रनाथ सिंह से हुआ।

पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल लाया गया शव
वन विभाग और पुलिस की मौजूदगी में आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए रामानुजगंज के 100 बिस्तरीय अस्पताल लाया गया। मौके पर वन विभाग के एसडीओ आलोक जायसवाल, धमनी रेंजर केशवराज खटकर, बलरामपुर रेंजर निखिल सक्सेना, विजयनगर चौकी प्रभारी अश्विनी सिंह सहित वन एवं पुलिस विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता
घटना के बाद वन विभाग की टीम मृतक के घर पहुंची और परिजनों को तत्काल सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपये प्रदान किए। वन विभाग के एसडीओ आलोक जायसवाल ने बताया कि प्रकरण तैयार करने और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की सहायता राशि पीड़ित परिवार के खाते में भेजी जाएगी। इस प्रकार परिवार को कुल 6 लाख रुपये की सहायता मिलने की बात कही गई है।

शिवपुर में हाथी के हमले से तीसरी जनहानि
ग्रामीणों के अनुसार शिवपुर क्षेत्र में हाथियों के हमले से जनहानि का यह पहला मामला नहीं है। मई 2024 में ग्राम पंचायत शिवपुर के सरपंच ब्रह्मदेव सिंह की बुजुर्ग मां कलावती देवी की हाथी के हमले में मौत हुई थी। इसके बाद इसी वर्ष अप्रैल में झारखंड से अपनी बहन के घर शिवपुर आई एक युवती की जंगल में महुआ बीनने के दौरान हाथी के हमले में मौत हो गई थी। अब इन्द्रनाथ सिंह की मौत के बाद क्षेत्र में हाथी-मानव संघर्ष को लेकर ग्रामीणों की चिंता और नाराजगी बढ़ गई है।
चीनिया में घर को नुकसान पहुंचा चुका था हाथी
ग्रामीणों का कहना है कि जिस नर हाथी के हमले में इन्द्रनाथ सिंह की जान गई, उसी हाथी ने इससे पहले रात में झारखंड के चीनिया क्षेत्र में एक घर को भी नुकसान पहुंचाया था। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथी की गतिविधि की जानकारी समय पर आसपास के गांवों तक पहुंच जाती तो लोग सतर्क हो सकते थे और घटना को टाला जा सकता था।
कन्हर नदी पार कर गांवों में पहुंचते हैं हाथी
रामानुजगंज वन परिक्षेत्र का शिवपुर और झारखंड का चीनिया क्षेत्र एक-दूसरे से लगे हुए हैं। दोनों राज्यों के बीच कन्हर नदी बहती है। ग्रामीणों के मुताबिक हाथियों का दल कई बार झारखंड की ओर से कन्हर नदी पार कर शिवपुर और आसपास के गांवों में पहुंचता है। इसके बाद हाथियों की आवाजाही रामानुजगंज वन परिक्षेत्र समेत आसपास के जंगलों में बनी रहती है। इससे क्षेत्र में मानव-हाथी संघर्ष का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों ने लगातार सूचना और जागरूकता की मांग की
किसान मोर्चा के महामंत्री विवेक यादव ने कहा कि शिवपुर में हाथी के हमले से यह तीसरी जनहानि है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचती है, लेकिन इसके बाद ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी की नियमित जानकारी नहीं मिल पाती।
उन्होंने मांग की कि मुनादी के साथ व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी हाथियों की गतिविधियों की तत्काल सूचना ग्रामीणों तक पहुंचाई जाए। यादव के अनुसार, घटना से पहले चीनिया में इसी हाथी द्वारा एक घर को नुकसान पहुंचाए जाने की जानकारी यदि आसपास के गांवों को समय पर मिल जाती तो ग्रामीण अधिक सतर्क हो सकते थे। उन्होंने हाथी प्रभावित गांवों में लगातार जागरूकता अभियान चलाने और समय पर सूचना उपलब्ध कराने की मांग की।
वन विभाग ने कहा- लगातार कराई जा रही मुनादी
वन विभाग के एसडीओ आलोक जायसवाल ने बताया कि हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विभाग की ओर से लगातार मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मृतक के परिवार को तत्काल 25 हजार रुपये की सहायता दी गई है और प्रकरण तैयार होने के बाद नियमानुसार शेष 5 लाख 75 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।घटना के बाद वन विभाग ने शिवपुर और आसपास के क्षेत्रों में हाथी की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों से जंगल और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में अकेले नहीं जाने तथा हाथियों की मौजूदगी की जानकारी मिलने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।



