कोरियागरियाबंदछत्तीसगढ़जसपुरजांजगीर चांपाझारखण्डदिल्लीपुलिसबलरामपुरबलौदा बाजारबिलासपुरभरतपुर सोनहतभारतभ्रष्टाचाररंकाराजपुरराज्यसभारामचंद्रपुररामानुजगंजरायगढ़रायपुररायपुरविरोध प्रदर्शनसरगुजासुरजपुर

ग्राम पंचायत दोलगी में ग्रामीणों ने किया ग्राम सभा का बहिष्कार, सचिव पर गंभीर आरोप

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

रामचंद्रपुर (बलरामपुर)। जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत दोलगी में बुधवार को आयोजित ग्राम सभा का ग्रामीणों ने एकजुट होकर बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी, फर्जी भुगतान और मनमानी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत भवन में ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें पंचायत के विकास कार्यों और खर्च का ब्यौरा प्रस्तुत किया जाना था। लेकिन ग्रामीणों ने सभा में शामिल होने से इनकार कर दिया और नारेबाजी करते हुए कार्यक्रम स्थल से दूर रहे।

प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल 80 से अधिक पात्र हितग्राहियों के नाम पंचायत सचिव  महोदिया द्वारा बिना ग्राम सभा की सहमति के हटा दिए गए। इस निर्णय से गांव में आक्रोश फैल गया है।

बिना काम के भुगतान, सचिव की जगह पति करते रहे काम

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में कई ऐसे निर्माण कार्य दर्शाए गए हैं, जो आज तक धरातल पर नहीं हुए, लेकिन उनके भुगतान कर लिए गए। इसके अलावा पंचायत सचिव नियमित रूप से कार्यालय नहीं आते थे। उनकी अनुपस्थिति में उनके पति पंचायत का संचालन करते रहे, जो न केवल नियमविरुद्ध है, बल्कि उन्होंने ग्रामीणों को धमकाया भी।

ग्राम सभा में जब मूल सचिव उपस्थित हुईं, तो कई ग्रामीण उन्हें पहचान भी नहीं सके। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक सचिव को हटाया नहीं जाएगा, तब तक किसी भी ग्राम सभा में भाग नहीं लेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों की अनदेखी हुई, तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

        सभा में हंगामा, मौके पर पहुंची पुलिस

ग्राम सभा के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब पंचायत सचिव और ग्रामीणों के बीच तीखी बहस हुई,स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। हंगामे के चलते ग्राम सभा स्थगित कर दी गई।

           अब निगाहें जिला प्रशासन पर

ग्रामवासियों ने सचिव को तत्काल हटाने और पंचायत में हुए वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

Related Articles

Back to top button