दुकान हटाकर वाहन पार्क करने से नाराज हुई फल विक्रेता, सड़क पर बैठकर जताया विरोध
फल दुकान हटाने पर भड़की महिला, सड़क पर लगाया ठेला; साहू समाज ने किया समर्थन

फल दुकान हटाने के विरोध में सड़क पर बैठी महिला, साहू समाज ने दिया समर्थन
प्रशासन की समझाइश के बाद पीपल के पेड़ के नीचे अस्थायी जगह पर दुकान लगाने को हुई राजी
रामानुजगंज। बलरामपुर जिले के रामानुजगंज में साप्ताहिक बाजार के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब फुटपाथ पर कई वर्षों से फल की दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करने वाली एक महिला की दुकान को कथित रूप से हटाकर उसी स्थान पर चार पहिया वाहन खड़ा कर दिया गया। इससे नाराज महिला ने विरोध स्वरूप सड़क पर ही अपनी दुकान लगा ली। हरितालिका तीज के अवसर पर बाजार में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ होने के कारण यातायात प्रभावित होने लगा और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामला नगर पालिका परिसर के सामने गांधी चौक का है, जहां साप्ताहिक बाजार के दौरान बड़ी संख्या में दुकानदार फुटपाथ और आसपास के स्थानों पर दुकानें लगाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। नगर पालिका द्वारा इन दुकानदारों से शुल्क भी लिया जाता है। महिला का आरोप है कि वह अपने पति के साथ कई वर्षों से निर्धारित स्थान के आसपास फल की दुकान लगाती आ रही है, लेकिन पिछले दो-तीन दिनों से उसे लगातार परेशान किया जा रहा था। महिला के अनुसार, जिस स्थान पर वह दुकान लगाती थी, वहां उसकी दुकान हटाकर चार पहिया वाहन पार्क कर दिया गया, जिससे उसे दुकान लगाने में परेशानी हुई।
सड़क पर दुकान लगाने से बढ़ी परेशानी
हरितालिका तीज के चलते बाजार में काफी भीड़ थी। पूजा सामग्री और अन्य सामान खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। ऐसे में महिला के सड़क पर बैठकर दुकान लगाने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होने लगी। सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और महिला से सड़क से हटकर दुकान लगाने की अपील की।
महिला ने पुलिस के सामने अपनी परेशानी रखते हुए कहा कि वह कई वर्षों से इसी स्थान पर दुकान लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही है। उसने आरोप लगाया कि बिना उचित वैकल्पिक व्यवस्था किए उसकी दुकान को हटा दिया गया और उसके स्थान पर वाहन पार्क कर दिया गया।
साहू समाज के लोग पहुंचे समर्थन में
मामले की जानकारी महिला ने स्थानीय पार्षद सहित अन्य लोगों को भी दी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर उसने अपने समाज के लोगों से इसकी जानकारी साझा की। इसके बाद साहू समाज के लोग मौके पर पहुंचे और महिला के समर्थन में खड़े हो गए। समाज के लोगों ने प्रशासन से महिला को निश्चित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। मौके पर मौजूद लोगों ने यह भी कहा कि यदि महिला को दुकान लगाने के लिए उचित स्थान नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा।
विवाद बढ़ता देख थाना प्रभारी ने संभाला मोर्चा
स्थिति बिगड़ती देख रामानुजगंज थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और महिला तथा साहू समाज के लोगों से बातचीत की। पुलिस की समझाइश और बातचीत के बाद महिला को उसकी पुरानी दुकान के समीप ही पीपल के पेड़ के नीचे अस्थायी रूप से दुकान लगाने की जगह देने पर सहमति बनी। इसके बाद महिला ने सड़क से अपनी दुकान हटा ली और विवाद शांत हुआ।
नगर निकाय की भूमिका पर उठे सवाल
पूरे मामले में नगर निकाय प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में लंबे समय से छोटे दुकानदार फुटपाथ और आसपास दुकान लगाकर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं और उनसे शुल्क भी लिया जाता है। ऐसे में किसी दुकानदार को हटाने से पहले उसके लिए वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था किया जाना आवश्यक है। मामले की जानकारी के बावजूद नगर निकाय के कर्मचारियों के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी लोगों में नाराजगी देखी गई।
फिलहाल पुलिस की समझाइश के बाद महिला को अस्थायी स्थान मिल गया है, लेकिन यह व्यवस्था कितने दिनों तक चलेगी और आगे उसे स्थायी रूप से दुकान लगाने के लिए स्थान मिलेगा या नहीं, यह देखना होगा। महिला और उसके परिवार का कहना है कि उन्हें ऐसी जगह चाहिए जहां वे बिना किसी परेशानी के लंबे समय से चला आ रहा अपना फल का व्यवसाय जारी रख सकें।



