Balrampur news, Ramanujganj news, Chhattisgarh CMO, chhattisgarh news, balrampur news

मंत्री नेताम के कार्यक्रम में भाजपा पार्षद को न्योता नहीं! तीन अलग-अलग कार्ड से उठे सवाल, DEO पर नाराजगी

शिक्षक दिवस के तीन अलग-अलग निमंत्रण पत्रों ने मचाया बवाल, भाजपा पार्षद का नाम गायब होने पर भड़के कार्यकर्ता

शिक्षक दिवस के तीन अलग-अलग निमंत्रण पत्रों से बलरामपुर में विवाद, भाजपा पार्षद का नाम गायब होने पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी

मंत्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य और सांसद चिंतामणि महाराज की अध्यक्षता में होना है जिला स्तरीय कार्यक्रम, नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

बलरामपुर, विष्णु पांडेय। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित होने वाले जिला स्तरीय कार्यक्रम से पहले बलरामपुर में निमंत्रण पत्रों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। शिक्षा विभाग की ओर से एक ही कार्यक्रम के लिए अलग-अलग निमंत्रण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया है। बलरामपुर नगरपालिका के भाजपा पार्षद एवं उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने सोशल मीडिया पर तीन अलग-अलग आमंत्रण पत्र साझा करते हुए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

बताया गया है कि जिले में शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक एवं कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। कार्यक्रम में जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और शिक्षकों की मौजूदगी भी प्रस्तावित है।

कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही निमंत्रण पत्रों को लेकर सामने आए विवाद ने आयोजन की तैयारियों के बीच राजनीतिक चर्चा को तेज कर दिया है।

एक कार्यक्रम के तीन अलग-अलग निमंत्रण पत्र

नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शिक्षक दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम से संबंधित तीन अलग-अलग निमंत्रण पत्र साझा किए हैं। उनका कहना है कि एक ही कार्यक्रम के लिए शिक्षा विभाग की ओर से अलग-अलग प्रकार के कार्ड तैयार कर वितरित किए जा रहे हैं।

सोनी की आपत्ति केवल कार्ड के अलग-अलग प्रारूप को लेकर नहीं है, बल्कि उनका आरोप है कि निमंत्रण पत्रों में जनप्रतिनिधियों के नाम को लेकर भी अंतर है। उनके द्वारा साझा किए गए कार्ड में से एक में उनका नाम शामिल नहीं होने की बात सामने आई है।

इसको लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जाहिर की।

‘क्या प्रोटोकॉल की जानकारी नहीं है?’

दिलीप सोनी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ही कार्यक्रम के लिए तीन तरह के कार्ड बांटे जा रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति को लेकर विभागीय व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के प्रोटोकॉल को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

उनका कहना है कि जब शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभाग द्वारा जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाता है तो निमंत्रण पत्र तैयार करते समय जनप्रतिनिधियों के पद और प्रोटोकॉल का ध्यान रखा जाना चाहिए।

सोनी ने यह सवाल भी उठाया कि कार्ड में नाम का अंतर महज अनजाने में हुई गलती है या फिर किसी जनप्रतिनिधि को नजरअंदाज करने की कोशिश की गई है। हालांकि, इस संबंध में शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

भाजपा पार्षद का नाम नहीं होने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी

मामले का राजनीतिक पहलू इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि जिस जनप्रतिनिधि का नाम एक आमंत्रण पत्र में नहीं होने की बात सामने आई है, वे बलरामपुर नगरपालिका के भाजपा पार्षद होने के साथ-साथ नगरपालिका उपाध्यक्ष भी हैं।

दिलीप सोनी के नाम को लेकर सामने आए अंतर के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी नाराजगी की चर्चा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकारी कार्यक्रमों के निमंत्रण पत्रों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम को लेकर किसी प्रकार की असमानता नहीं होनी चाहिए।

उनका तर्क है कि कार्यक्रम जिला स्तर का है और इसमें प्रदेश सरकार के मंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में स्थानीय निकाय के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने और उनके पद का उल्लेख करने में पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए।

नाम और पद को लेकर एकरूपता पर सवाल

निमंत्रण पत्र किसी भी सरकारी आयोजन का औपचारिक दस्तावेज माना जाता है। इसमें कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथि और अन्य आमंत्रित जनप्रतिनिधियों के नाम एवं पद का उल्लेख किया जाता है।

ऐसे में एक ही आयोजन के अलग-अलग कार्ड में नामों को लेकर अंतर सामने आने पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर शिक्षा विभाग ने कितने प्रकार के कार्ड तैयार करवाए और उन्हें किन-किन लोगों को वितरित किया गया।

यदि अलग-अलग श्रेणी के अतिथियों के लिए अलग कार्ड बनाए गए थे तो विभाग की ओर से इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आना जरूरी है। वहीं यदि किसी कार्ड में नाम छूट गया है तो यह विभागीय स्तर पर हुई चूक मानी जाएगी।

 

कार्यक्रम से पहले बढ़ी राजनीतिक चर्चा

शिक्षक दिवस आम तौर पर शिक्षकों के सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित करने का अवसर होता है। लेकिन बलरामपुर में कार्यक्रम से पहले ही निमंत्रण पत्रों को लेकर राजनीतिक चर्चा शुरू हो गई है।

एक तरफ शिक्षा विभाग कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ जनप्रतिनिधि का नाम एक कार्ड में नहीं होने और अलग-अलग निमंत्रण पत्र सामने आने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

मामले ने सोशल मीडिया के जरिए भी तूल पकड़ा है। दिलीप सोनी द्वारा कार्ड साझा किए जाने के बाद स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों के बीच भी इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

क्या अलग-अलग कार्ड बनाने की थी कोई वजह?

अब इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक ही कार्यक्रम के लिए तीन अलग-अलग निमंत्रण पत्र क्यों तैयार किए गए।

यदि अलग-अलग कार्ड किसी प्रशासनिक या प्रोटोकॉल संबंधी आवश्यकता के कारण बनाए गए थे, तो इसकी जानकारी शिक्षा विभाग द्वारा दी जा सकती है। वहीं यदि कार्ड तैयार करने या छपाई के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि हुई है तो विभाग इसे स्पष्ट कर सकता है।

फिलहाल विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर यह नहीं बताया गया है कि तीनों कार्ड किस उद्देश्य से बनाए गए और किस कार्ड को अंतिम एवं अधिकृत निमंत्रण पत्र माना जाना चाहिए।

शिक्षा विभाग के स्पष्टीकरण से साफ होगी स्थिति

पूरे विवाद में अभी तक सामने आया पक्ष मुख्य रूप से भाजपा पार्षद एवं नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी की आपत्ति और उनके द्वारा साझा किए गए निमंत्रण पत्रों पर आधारित है। शिक्षा विभाग या जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से अलग-अलग कार्ड जारी होने और नाम में अंतर को लेकर कोई स्पष्ट आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति विभाग के स्पष्टीकरण के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

यदि विभाग यह स्पष्ट करता है कि अलग-अलग कार्ड किसी निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत तैयार किए गए थे, तो विवाद की स्थिति काफी हद तक साफ हो सकती है। वहीं यदि नाम छूटने को विभागीय गलती माना जाता है तो यह भी स्पष्ट करना होगा कि ऐसी चूक कैसे हुई।

शिक्षक दिवस समारोह से पहले उठे सवाल

शिक्षक दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन से ठीक पहले निमंत्रण पत्रों को लेकर विवाद सामने आना शिक्षा विभाग के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला है। खासकर तब, जब कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मुख्य अतिथि और सांसद अध्यक्ष के रूप में शामिल होने वाले हैं।

अब पूरे मामले में निगाह शिक्षा विभाग के आधिकारिक पक्ष पर है। तीन अलग-अलग निमंत्रण पत्र क्यों बनाए गए, इनमें नामों का अंतर क्यों है और नगरपालिका उपाध्यक्ष दिलीप सोनी का नाम एक कार्ड से कैसे गायब हुआ, इन सवालों का जवाब विभाग की ओर से सामने आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।

फिलहाल शिक्षक दिवस का जिला स्तरीय कार्यक्रम अपने उद्देश्य के साथ आयोजित होने जा रहा है, लेकिन कार्यक्रम से पहले निमंत्रण पत्रों को लेकर उठा विवाद बलरामपुर के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Related Articles

Back to top button