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स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद तीसरी बार बाबा बैद्यनाथ के दरबार में हाजिरी, रामानुजगंज अस्पताल को फिर मिला आश्वासन

ANAND MISHRA OFFICIAL PRESENTS

बाबा बैद्यनाथ के दर्शन को निकले स्वास्थ्य मंत्री, रामानुजगंज में कांवरिया सेवा का लिया जायजा; 2 से 4 माह में शुरू होंगी डायलिसिस, ब्लड स्टोरेज और ऑपरेशन थिएटर की सुविधाएं

100 बिस्तरीय अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का बड़ा आश्वासन, 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार 500 रुपये की स्वीकृति के बाद भी सुविधाओं का इंतजार

रामानुजगंज। सावन के पवित्र महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर देवघर जाने वाले कांवरियों की सेवा के लिए रामानुजगंज में हर वर्ष विशेष इंतजाम किए जाते हैं। छत्तीसगढ़ से झारखंड की ओर जाने वाले शिवभक्तों के लिए रामानुजगंज एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। इसी क्रम में शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल देवघर जाते समय रामानुजगंज पहुंचे। उन्होंने पंडित दीनदयाल उपाध्याय मांगलिक भवन में पहुंचकर कांवरिया सेवा समिति द्वारा शिवभक्तों के लिए संचालित सेवा कार्यों का जायजा लिया।

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मांगलिक भवन में समिति की ओर से कांवरियों के लिए भोजन, प्रसाद, विश्राम सहित अन्य निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और समिति के सदस्यों से सेवा कार्य की जानकारी ली। उन्होंने कांवरियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा करना पुण्य का कार्य है। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री के परिवार के सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने मांगलिक भवन में प्रसाद भी ग्रहण किया।

28 वर्षों से लगातार बाबा बैद्यनाथ का कर रहे जलाभिषेक

मीडिया से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सावन के महीने में बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करने का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बताया कि वह लगातार 28 वर्षों से सावन में बाबा बैद्यनाथ धाम जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते आ रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इस वर्ष भी वे अपने दल के करीब 100 लोगों के साथ सुल्तानगंज के लिए रवाना हुए हैं। सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर कांवरिये पैदल देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक करते हैं।

उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक कर वे पूरे छत्तीसगढ़ की जनता की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता के लिए भगवान शिव से सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करना उनके लिए विशेष भावनात्मक अवसर है।

कांवरियों के लिए छत्तीसगढ़ का अंतिम प्रमुख पड़ाव है रामानुजगंज

स्वास्थ्य मंत्री ने रामानुजगंज में कांवरिया सेवा समिति द्वारा किए जा रहे सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि देवघर जाने वाले कांवरियों के लिए रामानुजगंज छत्तीसगढ़ का अंतिम महत्वपूर्ण पड़ाव है। सावन के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त इस मार्ग से होकर झारखंड की ओर जाते हैं।

उन्होंने कहा कि लंबी यात्रा पर निकले कांवरियों के लिए रास्ते में भोजन, पानी, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण होती है। रामानुजगंज में स्थानीय लोगों और कांवरिया सेवा समिति द्वारा शिवभक्तों की सेवा के लिए लगातार प्रयास किया जाना सराहनीय है।

उन्होंने सेवा समिति के सदस्यों और सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं की सेवा के माध्यम से समाज में सेवा और सहयोग की भावना मजबूत होती है।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर मंत्री ने दिया समयबद्ध आश्वासन

कांवरिया सेवा के बाद स्वास्थ्य मंत्री से जब रामानुजगंज की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने क्षेत्रवासियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि रामानुजगंज के 100 बिस्तरीय अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस और ब्लड स्टोरेज जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।

मंत्री ने कहा कि इन सुविधाओं को शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया चल रही है और आगामी 2 से 4 महीनों के भीतर इन सुविधाओं को शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में 100 बिस्तरीय अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर किया जाएगा, ताकि रामानुजगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर उपचार के लिए दूसरे शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो।

स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान को क्षेत्र में लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर डायलिसिस, ब्लड स्टोरेज और ऑपरेशन थिएटर जैसी सुविधाओं के अभाव में मरीजों को वर्तमान में दूसरे बड़े स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता है।

पहले ही जारी हो चुकी है 1.65 करोड़ से अधिक की स्वीकृति

रामानुजगंज के 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग काफी समय से की जा रही है। स्थानीय विधायक एवं मंत्री रामविचार नेताम के प्रयासों तथा क्षेत्रवासियों की लगातार मांग के बाद मुख्यमंत्री शासकीय अस्पताल रूपांतरण कोष के अंतर्गत अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस यूनिट और ब्लड स्टोरेज यूनिट के लिए 1 करोड़ 65 लाख 92 हजार 500 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही जारी की जा चुकी है।

प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि जल्द ही अस्पताल में ये सुविधाएं उपलब्ध हो जाएंगी। हालांकि, काफी समय बीतने के बाद भी सुविधाएं पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी हैं। ऐसे में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा अब 2 से 4 महीने के भीतर सुविधाएं शुरू करने का प्रयास किए जाने का आश्वासन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बजट और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद अब निर्माण एवं स्थापना से जुड़े कार्यों को तेजी से पूरा करने की आवश्यकता है, ताकि मरीजों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।

पहले भी हुई थी डायलिसिस, ब्लड बैंक और सोनोग्राफी की घोषणा

रामानुजगंज में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर इससे पहले भी कई घोषणाएं की जा चुकी हैं। सरकार बनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री के बैद्यनाथ धाम प्रवास के दौरान आमंत्रण धर्मशाला में आयोजित एक कार्यक्रम में रामानुजगंज क्षेत्र के लिए दो डायलिसिस यूनिट, ब्लड बैंक और सोनोग्राफी सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी।

इन घोषणाओं के बाद क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी थी कि स्थानीय अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए आवश्यक जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। हालांकि, लंबे समय से इन सुविधाओं के पूरी तरह शुरू होने का इंतजार किया जा रहा है।

अब स्वास्थ्य मंत्री द्वारा 2 से 4 महीने के भीतर ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस और ब्लड स्टोरेज जैसी सुविधाएं शुरू करने की बात कहे जाने के बाद क्षेत्रवासियों की उम्मीदें एक बार फिर बढ़ गई हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को मिलेगा सीधा लाभ

रामानुजगंज केवल नगर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि आसपास के बड़ी संख्या में ग्रामीण इलाकों के लिए भी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है। सीमावर्ती और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए रामानुजगंज पहुंचते हैं। ऐसे में 100 बिस्तरीय अस्पताल में विशेषज्ञ और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

विशेष रूप से किडनी संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस की सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होना बड़ी राहत साबित हो सकता है। वर्तमान में डायलिसिस के लिए मरीजों और उनके परिजनों को दूसरे शहरों तक आने-जाने में समय, पैसा और श्रम खर्च करना पड़ता है।

इसी तरह ब्लड स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध होने से दुर्घटना, प्रसव, गंभीर बीमारी अथवा ऑपरेशन जैसी आपात स्थितियों में रक्त की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी। ऑपरेशन थिएटर शुरू होने से सामान्य एवं आवश्यक सर्जिकल सेवाओं के लिए मरीजों को अन्य अस्पतालों में रेफर करने की आवश्यकता भी कम हो सकती है।

आश्वासन के बाद अब अमल का इंतजार

रामानुजगंज में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लंबे समय से मांग, घोषणा और प्रशासनिक स्वीकृति का सिलसिला चलता रहा है। अब जबकि स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं 2 से 4 महीने की समयसीमा में महत्वपूर्ण सुविधाएं शुरू करने का प्रयास किए जाने की बात कही है, क्षेत्रवासियों की निगाहें इसके क्रियान्वयन पर टिकी हैं।

स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि पहले से स्वीकृत राशि का उपयोग करते हुए अस्पताल में आवश्यक निर्माण, उपकरण स्थापना, तकनीकी व्यवस्थाओं और मानव संसाधन से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए। यदि डायलिसिस, ब्लड स्टोरेज और ऑपरेशन थिएटर निर्धारित समय में शुरू हो जाते हैं तो यह रामानुजगंज और आसपास के ग्रामीण अंचलों की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है।

कांवरिया सेवा का जायजा लेने पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री का यह दौरा जहां धार्मिक आस्था और सेवा से जुड़ा रहा, वहीं रामानुजगंज की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर दिए गए उनके समयबद्ध आश्वासन ने स्थानीय स्तर पर एक नए भरोसे को जन्म दिया है। अब क्षेत्रवासियों को इंतजार है कि वर्षों से लंबित इन स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उन्हें वास्तव में कब से मिलना शुरू होता है।

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