बलरामपुर

शासन की मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने के लिए प्रशासन को ही अब आम लोगों तक पहुंचना होगा-कलेक्टर

बलरामपुर कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार की अध्यक्षता में आज संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जिले के सबसे दूरस्थ गांव में शासन की मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने के लिए प्रशासन को ही अब आम लोगों तक पहुंचना होगा। वर्तमान में विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए जो समाधान/स्वास्थ्य शिविर आयोजित की जा रही है वह निरंतर चलता रहेगा।
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने जिले में निवासरत विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति समूह के परिवारों की पहचान तथा उनकी समस्याओं का निराकरण के लिए ग्राम स्तर पर गठित कर उनके द्वारा किये जा रहे कार्यों का पर्यवेक्षण एवं निगरानी के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों से क्षेत्र भ्रमण के दौरान उनके अनुभव एवं ग्रामीणों की समस्याओं के संबंध में जानकारी ली।

नोडल अधिकारियों ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजाति के अधिकतर लोग पहुंच विहिन क्षेत्र में रहते हैं, जिससे उन तक शासन की मूलभूत सुविधाओं को पहुंचाने में परेशानी होती है, साथ ही उनमें जागरूकता की कमी होने के कारण शासन की योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति के समाज प्रमुख एवं जागरूक लोगों से चर्चा कर उन्हें एक जगह बसाने का प्रयास किया जाये। उन्होंने कहा कि गांव की समस्या को पहचान कर उनके समस्याओं का निराकरण करें।

नोडल अधिकारियों ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने हेतु बाइक एम्बुलेंस की आवश्यकता है। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से दूरस्थ क्षेत्रों में बाइक एम्बुलेंस बढ़ाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन क्षेत्रों में कुंए की मांग की जा रही है वहां सर्वे कर कुंआ बनाने हेतु प्रस्ताव तैयार करें, साथ ही जिन क्षेत्रों में ढ़ोढी के पानी का उपयोग किया जा रहा है ऐसे ढ़ोढ़ियों को पक्का करने को कहा। कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी पण्डो जाति जिनका जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है, उनका ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर शत्-प्रतिशत जाति प्रमाण पत्र जारी करने को कहा। कलेक्टर ने पहुंचविहिन ग्रामों में घर पहुंच राशन देने की व्यवस्था करने की बात कही, इसके लिए वॉलेंटियर्स या एनजीओ की मदद ली जाये। उन्होंने खाद्य अधिकारी को इसके लिए पहल करने को कहा। नोडल अधिकारियों द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो एवं पहाड़ी कोरवा समाज में बाल विवाह प्रथा की जानकारी देने पर कलेक्टर ने जिला महिला बाल विकास अधिकारी से इसकी जानकारी ली, साथ ही अपने अधीनस्थ सीडीपीओ, सेक्टर पर्यवेक्षक एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से बाल विवाह रोकने हेतु कार्ययोजना बनाकर कार्य करने को कहा।

कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित कुछ छात्रावास, आश्रम पुराने एवं जर्जर भवन में संचालित किये जा रहे हैं, ऐसे भवनों को सुधार कराने एवं रंग-रोगन कराने के निर्देश दिये। मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर रिफर किये जाने वाले मरीजों तथा किसी भी प्रकार के गंभीर स्थिति से समय-समय पर जिला प्रशासन को अवगत कराने हेतु नियुक्त नोडल अधिकारी श्री ओमप्रकाश गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामान्य मरीजों को अम्बिकापुर रिफर किया जा रहा है, जो आवश्यक नहीं है। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से अपने अधिनस्थ कर्मचारियों को सामान्य बीमारी वाले मरीजों को अम्बिकापुर रिफर न कर जिला अस्पताल बलरामपुर में भर्ती करने के निर्देश दिये।
समय-सीमा की बैठक में आगामी खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 हेतु धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन पर विस्तृत चर्चा की गई। कलेक्टर ने कहा कि भुईयां पोर्टल से ही रकबा का सत्यापन होगा। उन्होंने वन विभाग के अंतर्गत आने वाले पट्टाधारकों का गिरदावरी करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारी को दिये। कलेक्टर ने कृषि विभाग के अधिकारी से कृषक पंजीयन हेतु प्रचार-प्रसार के लिए कार्य योजना तैयार करने को कहा।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती रीता यादव, अपर कलेक्टर श्री एस.एस. पैंकरा, सर्व अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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