टेट मुक्त को लेकर शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने मनेन्द्रगढ़ में निकाली रैली, बड़ी संख्या में शिक्षक हुए शामिल, कलेक्टर डीईओ को मुख्यमंत्री शिक्षा मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन…
मनेन्द्रगढ़ । छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पांच सूत्रीय मांगों को लेकर संयुक्त मोर्चा द्वारा जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में मंगलवार को “टेट मुक्त रैली” का आयोजन किया गया। रैली में जिलेभर से बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष शिक्षक शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। रैली की शुरुआत तहसील कार्यालय के पास स्थित धरना स्थल से हुई। शिक्षक रैली के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद रैली कलेक्टर कार्यालय पहुंची, जहां मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर शिक्षकों की समस्याओं के निराकरण की मांग की गई।

शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने कहा कि बड़ी संख्या में शिक्षक पेंशन विहीन सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शिक्षकों के अनुसार वर्ष 2018 से पूर्व की सेवाओं की गणना नहीं किए जाने के कारण सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें पेंशन के नाम पर महज 2 से 3 हजार रुपये प्रतिमाह मिल रहे हैं। मोर्चा ने पूर्व की सेवा अवधि की गणना कर उसे पेंशन लाभ में शामिल करने की मांग की है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करना भी शामिल है। मोर्चा पदाधिकारियों के अनुसार करीब 28 वर्षों तक शैक्षणिक सेवा देने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के मार्गदर्शन के तहत वर्ष 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करने की शर्त लागू की जा रही है।

शिक्षकों का कहना है कि टीईटी उत्तीर्ण नहीं करने की स्थिति में पदोन्नति और वेतन वृद्धि प्रभावित होने की बात कही जा रही है। इससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों में असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है। शिक्षक संघर्ष मोर्चा का तर्क है कि जब उनकी नियुक्तियां हुई थीं, उस समय सेवा शर्तों में टीईटी की अनिवार्यता नहीं थी। ऐसे में वर्षों तक सेवा देने के बाद नई पात्रता परीक्षा की शर्त लागू किए जाने का शिक्षक विरोध कर रहे हैं। मोर्चा ने सरकार से शिक्षकों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए न्यायसंगत समाधान निकालने की मांग की है।रैली के दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए शासन से जल्द निर्णय लेने की मांग की। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षकों की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।



