बलरामपुरभूखलाचारी

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र दाने-दाने को मोहताज। कंदमूल खाकर कर रहे थे जीवन यापन

बलरामपुर जिले में पंडो जनजाति रामचंद्रपुर ब्लाक के ग्राम दोलंगी से एक और बेबसी की तस्वीर सामने आई है यह परिवार अपनी जरूरतों के लिए घर का दरवाजा तक बेच चुके हैं,परिवार में 5 साल पहले सास के मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार करने के लिए परिवार के पास अनाज व पैसे नहीं थे तो गांव में ही भीम नामक व्यक्ति के पास ₹12000 में राशन कार्ड गिरवी रख दी,, आलम अब यह है की परिवार अब दाने-दाने के लिए मोहताज है और कंदमूल खाकर जिंदगी गुजर बसर कर रहे हैं।

आपको बता दें कि इसी गांव में कुछ दिन पहले स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में पांडो समुदाय के 3 लोगों की मृत्यु हो गई थी जिनके मृत्यु भोज के लिए समाज के लोग चंदा चावल और दाल इकट्ठा कर रहे हैं ओर उसी गांव में एक ऐसा परिवार भी है शांति पडों पति रामानंद पंडो अपना राशन कार्ड 5 साल से गिरवी रखे हैं और आज दाने-दाने के लिए मोहताज है खाने पीने के अभाव में कुपोषण का शिकार पूरा पंडो परिवार है  उस परिवार की महिला सदस्य शांति पंडो तो ठीक से बोल भी नहीं पाती इतनी कमजोर हो चुकी है । शांति पंडो के साथ बच्चे पति के साथ 9 सदस्य का  परिवार में हैं जो आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।

पंडो की महिला सदस्य ने  बताया कि अपने परिवार की भूख मिटाने के लिए के लिए उसके पति जड़ी बूटी बेचकर वह किसी तरह कुछ पैसे मिलते हैं तो अपना पेट पालते हैं और कंदमूल खाते है कुछ नहीं तो भूखे ही रहना पड़ता है खाने-पीने के अभाव में यह परिवार पूरी तरीके से कुपोषण का शिकार हो गई है जिसके कारण के शरीर में खून की कमी हो गई है जो जांच के दौरान कुपोषण का शिकार हुए पाए जाने पर जिला प्रशासन ने उसके परिवार को जिला अस्पताल में दाखिल कराया है।

मीडिया में खबर चलने के बाद ही प्रशासन की नींद आखिर क्यों खुलती है:-

इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी भी ने फोन पर जनकारी दिया कि उस परिवार का नया राशन कार्ड बना दिया जाएगा लेकिन इन सबके बीच एक सवाल खड़ा होता है कि सभी राशन की दुकानों को डिस्टिक करण कर दिया गया है तो फिर इस परिवार का राशन गिरवी रखे हुए व्यक्ति को कैसे मिल रहा है यह भी एक जांच का विषय है क्या खाद्य वितरण केंद्र की मिलीभगत से इस तरीके के खेल ग्रामीण अंचलों में खेला जाता है गरीबों का निवाला रसूखदार और पैसे वाले कुछ पैसे देकर गरीबों का निवाला छीन लेते  हैं यह तो जांच का विषय है और अधिकारी भी जांच के बाद कार्रवाई करने का दावा कर रहे हैं।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन के निर्देश के बाद अपर कलेक्टर के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है जांच टीम किस तरीके का जांच कर जिला प्रशासन के सामने पेश करते हैं यह देखने वाली बात होगी।

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