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बलरामपुर: साप्ताहिक बाजार में आदिवासी युवक से मारपीट, वीडियो वायरल, पंडो समाज में आक्रोश

बलरामपुर: आदिवासी युवक के साथ मारपीट, वीडियो वायरल

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के डिंडो पुलिस चौकी क्षेत्र के कसरैया साप्ताहिक बाजार में एक आदिवासी युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के मुताबिक, पंडो विशेष पिछड़ी जनजाति के डूमरखोली निवासी एक युवक का पैर गलती से बाजार में एक कपड़ा व्यापारी की दुकान में रखे कपड़ों पर लग गया। इस छोटी सी बात से नाराज होकर दुकानदार ने युवक के साथ मारपीट की।

पीड़ित को आई गंभीर चोटें

मारपीट में युवक को गंभीर चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुकानदार ने बिना किसी चेतावनी के युवक पर हमला कर दिया, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया।

पंडो समाज ने जताया आक्रोश, की कार्रवाई की मांग

घटना के बाद पंडो समाज में भारी नाराजगी है। समाज के लोगों ने इस घटना को जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए व्यापारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आज भी आदिवासी समाज के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है, जो बिल्कुल गलत है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वीडियो वायरल हो गया है। हालांकि, खबर 30.in इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता, लेकिन वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि आदिवासी युवक के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी

वायरल वीडियो और पीड़ित के बयान के आधार पर डिंडो पुलिस चौकी ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छुआछूत की मानसिकता पर उठे सवाल

देश 21वीं सदी की ओर बढ़ रहा है, लेकिन समाज में अब भी छुआछूत और जातिगत भेदभाव जैसी कुरीतियां मौजूद हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि कुछ लोग अभी भी आदिवासी समुदायों और कमजोर वर्गों के प्रति अपनी पुरानी मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं।

न्याय की मांग

पीड़ित युवक और उसके परिवार ने न्याय की मांग करते हुए आरोपी व्यापारी की गिरफ्तारी की अपील की है। वहीं, स्थानीय आदिवासी संगठन और समाजसेवी भी इस घटना को लेकर लामबंद हो रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और दोषी को कब तक सजा मिलती है।

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