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रामनवमी पर रामानुजगंज में निकली भव्य शोभायात्रा, 16 रामदरबार झांकियों ने मोहा मन शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

रामनवमी पर रामानुजगंज में निकली भव्य शोभायात्रा, 16 रामदरबार झांकियों ने मोहा मन | श्रद्धालु बोले – ऐसा नज़ारा पहली बार देखा

बलरामपुर/रामानुजगंज।
रामनवमी के पावन अवसर पर रामानुजगंज में धार्मिक आस्था, संस्कृति और भक्ति का ऐसा संगम देखने को मिला, जो शहरवासियों के लिए वर्षों तक स्मरणीय रहेगा। स्थानीय प्राचीन हनुमान मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे नगर को राममय कर दिया।

सुबह मंदिर में विधिवत पूजन-अर्चन और हवन के बाद शोभायात्रा की शुरुआत हुई। ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ शोभायात्रा जैसे ही नगर में आगे बढ़ी, श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। इस बार की शोभायात्रा की सबसे बड़ी खासियत रही—16 भव्य रामदरबार झांकियां, जिनमें भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी को अत्यंत जीवंत रूप में दर्शाया गया था।

नन्हे कलाकारों ने बटोरी वाहवाही


शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, जानकी माता, लक्ष्मण और बजरंगबली के स्वरूप में सजे छोटे-छोटे बच्चों ने विशेष आकर्षण बटोरा। इन मासूम बच्चों की भक्ति और अभिव्यक्ति ने दर्शकों का मन छू लिया। हर मोड़ पर लोग इन झांकियों को देखकर रुक जाते और श्रद्धा से नतमस्तक हो जाते।

जय श्रीराम के नारों से गूंजा शहर


शहर के प्रमुख मार्गों, मोहल्लों और चौराहों से गुजरती शोभायात्रा के दौरान “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों से रामानुजगंज गूंज उठा। लोगों ने छतों से पुष्पवर्षा की और सड़क किनारे आरती उतारकर शोभायात्रा का स्वागत किया।

सेवा और सत्कार में जुटा पूरा नगर


शहरवासियों ने जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए जलपान, शरबत और प्रसाद वितरण की व्यवस्था की थी। कहीं नींबू पानी, कहीं ठंडा दूध, तो कहीं चना-मुर्रा और हलवा-पूड़ी जैसे भोग श्रद्धालुओं के स्वागत में परोसे गए। आयोजकों और स्थानीय लोगों की सेवा भावना ने सबका दिल जीत लिया।

गांधी मैदान में हुआ समापन, राम दरबार के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण


शोभायात्रा का समापन गांधी मैदान में किया गया, जहां सभी 16 झांकियों को सजाया गया था। श्रद्धालु घंटों लाइन में खड़े होकर झांकियों के दर्शन करते रहे। अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया।

सुरक्षा में चाक-चौबंद इंतजाम


आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस विभाग की ओर से सभी चौक-चौराहों और प्रमुख स्थलों पर बल तैनात किया गया। ट्रैफिक को डायवर्ट कर शोभायात्रा के मार्ग को निर्बाध रखा गया। कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं घटी और कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

श्रद्धालुओं ने क्या कहा?


शहर की एक बुजुर्ग महिला  ने कहा, “राम दरबार की ऐसी झांकियां मैंने पहली बार देखीं। मन ही नहीं कर रहा था हटने का।” वहीं युवा वर्ग ने इस आयोजन को संस्कृति से जुड़ने का माध्यम बताया।


सम्पूर्ण आयोजन रामभक्ति, संस्कृति और सेवा का अद्भुत संगम बनकर सामने आया। रामानुजगंज की इस शोभायात्रा ने यह साबित कर दिया कि आस्था जब जन-जन से जुड़ती है, तो एक शहर नहीं – पूरा समाज एक होकर झूम उठता है।


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