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खंडन नहीं, कार्रवाई चाहिए! कलेक्टर ने PMGSY की लापरवाही पर कसी नकेल”तीन सदस्य टीम गठित”

मिट्टी की नाली पर कलेक्टर ने लिया संज्ञान, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित

बलरामपुर (छत्तीसगढ़)।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत चंदू थाना क्षेत्र के चटनिया से संभाग तक बनाई जा रही सड़क एवं नाली निर्माण कार्य में अनियमितता को लेकर एक बड़ी कार्रवाई हुई है। स्थानीय डिजिटल मीडिया पोर्टल khabar30.in द्वारा मिट्टी से बनी नाली की खबर को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है।

बलरामपुर के तेज-तर्रार कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। यह टीम जल्द ही निर्माण स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपेगी।



PMGSY द्वारा किया गया खंडन, लेकिन सच्चाई सामने आई

इस मामले पर 13 मई को khabar30.in ने एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें स्पष्ट रूप से दिखाया गया था कि नाली का निर्माण गिट्टी बालू सीमेंट के जगह पर केवल मिट्टी से किया जा रहा है — जो पहली ही बारिश में बह जाने की संभावना रखता है। खबर के प्रकाशन के बाद PMGSY विभाग ने पुराने फोटो और वीडियो का हवाला देते हुए खंडन जारी किया था।



हालांकि, खंडन के बजाय यदि विभाग ने गुणवत्ता सुधार पर ध्यान दिया होता, तो जांच की नौबत नहीं आती। खबर का असर यह रहा कि अब खुद जिला कलेक्टर ने मामले की वस्तुस्थिति जानने के लिए जांच समिति का गठन कर दिया है।

पूर्व में दी गई चेतावनी भी हुई थी नजरअंदाज

विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, कलेक्टर राजेंद्र कटारा ने पूर्व मेंभ्रमण के दौरान गुणवत्ता विहीन कार्य को देखा था  और PMGSY के अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मौखिक हिदायत दी थी। लेकिन अधिकारियों द्वारा कलेक्टर की बातों को नजरअंदाज करते हुए निर्माण कार्य जैसे-तैसे करवाया गया।



अब जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच टीम अपनी रिपोर्ट में क्या तथ्य सामने लाती है और इसके आधार पर जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार PMGSY के EE, SDO, इंजीनियर और ठेकेदार पर क्या कार्रवाई करती है। यदि जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों व एजेंसी पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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