रामानुजगंज के सनवाल में किसानों के बीच पीएम धन धान्य योजना का शुभारंभ, कृषि मंत्री ने किया आह्वान: मसाला खेती से बढ़ाएँ आय

रामानुजगंज के सनवाल में किसानों के बीच पीएम धन धान्य योजना का शुभारंभ, कृषि मंत्री ने किया आह्वान: मसाला खेती से बढ़ाएँ आय
कार्यक्रम में जिलेभर से आए किसानों को कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि तिलहन, दलहन, मसाला फसलों और फलोद्यानों में उन्नत तकनीक अपनाकर किसान अपनी आय कई गुना बढ़ा सकते हैं।
कृषि मंत्री ने किया किसानों को प्रोत्साहित
अपने उद्बोधन में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि इस क्षेत्र की भूमि और जलवायु मसाला फसलों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।

उन्होंने किसानों से कहा—
“अदरक और हल्दी जैसी मसाला फसलें इस इलाके में बहुत अच्छी उपज देती हैं। यहां की हरी सब्जियाँ झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बिकती हैं। मेरा प्रयास है कि इस क्षेत्र के किसान सचमुच धन-धान्य से भरपूर हों।”
मंत्री ने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को फसल उत्पादन, पौधारोपण, बीज, उर्वरक और कीटनाशक पर अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएँ।

पाम ऑयल और मत्स्य पालन को मिलेगी बढ़ावा
नेताम ने कहा कि राज्य सरकार अब पाम ऑयल की खेती को भी बढ़ावा दे रही है।
“पाम ऑयल का पौधा एक बार लगाने पर 25 से 30 वर्ष तक लगातार उत्पादन देता है। इससे किसानों और देश—दोनों को बड़ा आर्थिक लाभ होगा,”

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि मत्स्य पालन को प्रोत्साहित करने के लिए आरागाही में करोड़ों रुपए की लागत से एक आधुनिक यूनिट स्थापित की जा रही है, जो जल्द ही शुरू होगी। इस यूनिट से स्थानीय किसानों को मत्स्य उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन में रोजगार और आय के अवसर मिलेंगे।

दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर बनने की अपील
कृषि मंत्री ने कहा कि क्षेत्र अभी भी दलहन और तिलहन उत्पादन में पीछे है, लेकिन अगर किसान उन्नत तकनीक अपनाएँ, तो वे इस क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने जोर दिया कि किसानों को आधुनिक खेती, समेकित कीट प्रबंधन, और जैविक उर्वरकों के प्रयोग पर ध्यान देना चाहिए।


