बलरामपुर में अवैध धान परिवहन और किसान दस्तावेज दुरुपयोग का बड़ा खुलासा श्याम सुन्दर गुप्ता पर एफआईआर, 400 बोरी धान, नकदी और सैकड़ों बैंक दस्तावेज जब्त

बलरामपुर न्यूज | 27 दिसम्बर 2025
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में अवैध धान परिवहन और किसानों के बैंक व ऋण संबंधी दस्तावेजों के दुरुपयोग का एक गंभीर मामला सामने आया है। विकासखण्ड रामचन्द्रपुर अंतर्गत ग्राम कुर्लडीह निवासी श्याम सुन्दर गुप्ता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत थाना सनावल में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कार्रवाई राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

रात में पकड़ा गया अवैध धान से लदा पिकअप वाहन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब 8 बजे राजस्व विभाग और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम गश्त पर थी। इसी दौरान अवैध रूप से धान परिवहन किए जाने की सूचना मिली। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन का पीछा कर उसे पकड़ा।
वाहन चालक से पूछताछ करने पर उसने बताया कि पिकअप में लदा धान ग्राम कुर्लडीह निवासी श्याम सुन्दर गुप्ता के घर में अनलोड किया जाना था। इसके बाद टीम आरोपी के निवास स्थान पर पहुंची और वहां तलाशी अभियान चलाया गया।
आरोपी के घर से 400 बोरी धान बरामद

संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी में आरोपी के घर से लगभग 400 बोरी धान बरामद किया गया। धान की मात्रा देखकर प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट हुआ कि यह धान घरेलू उपयोग के लिए नहीं, बल्कि अवैध बिक्री के उद्देश्य से संग्रहित किया गया था।
किसानों के बैंक व ऋण दस्तावेजों का जखीरा मिला
तलाशी के दौरान जो तथ्य सामने आए, उन्होंने मामले को और गंभीर बना दिया। आरोपी के घर से बड़ी संख्या में किसानों से जुड़े बैंक और कृषि दस्तावेज बरामद किए गए, जिनमें—
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की पासबुक – 161 नग
किसान किताब भाग-1 – 46 नग, भाग-2 – 59 नग
केसीसी पासबुक – 19 नग
चेक व चेकबुक – 62 नग
कटे हुए चेक – 22 नग
भरे हुए विड्रॉल फॉर्म – 261 नग
कोरे विड्रॉल फॉर्म – 01 बंडल
बैंक जमा पर्ची व टोकन – 150 नग
धान खरीदी केंद्र की तौल पर्ची – 100 नग
सामान्य हिसाब-किताब व बिल पर्ची – 550 से अधिक
डायरी और रजिस्टर – 23 नग
इसके अलावा कई किसानों के आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, विभिन्न कृषकों की तस्वीरें, 05 मोबाइल फोन, एक पिकअप वाहन (UP 64 CT 4218) और मोटरसाइकिल (CG 15 DY 4601) भी जब्त की गई।
नकद राशि भी मिली, जांच जारी
तलाशी के दौरान 1 लाख 67 हजार 100 रुपये नकद भी बरामद हुए। आरोपी द्वारा यह राशि अपने छोटे भाई के व्यवसाय से संबंधित बताई गई है। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है।
किसानों से छल-कपट कर किया गया अवैध कारोबार
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी किसानों की ऋण पुस्तिका, बैंक पासबुक, चेकबुक और विड्रॉल फॉर्म अपने पास रखकर उनका दुरुपयोग करता था। जानकारी के अनुसार कई विड्रॉल फॉर्म पहले से किसानों से हस्ताक्षर करवा कर रखे गए थे।
आरोप है कि श्याम सुन्दर गुप्ता अन्य सीमावर्ती राज्यों से कम कीमत पर धान खरीदकर उसे छत्तीसगढ़ के शासकीय धान खरीदी केंद्रों में बेचता था। इसके बदले प्राप्त राशि को अपने और अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाता था।
बड़े नेटवर्क की आशंका
जांच अधिकारियों के अनुसार यह पूरा मामला संगठित तरीके से किए जा रहे अवैध धान व्यापार की ओर इशारा करता है। इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस सभी दस्तावेजों और बैंक लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस ने श्याम सुन्दर गुप्ता के खिलाफ—
आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3 और 7
भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5)के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।



