बलरामपुर: गिलहरी और चिड़िया के शिकार में 5 गिरफ्तार, एक आरोपी फरार

बलरामपुर में अवैध शिकार का पर्दाफाश: 5 आरोपी गिरफ्तार, एक अब भी फरार
बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध शिकार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला रामचंद्रपुर वन परिक्षेत्र का है, जहां आरोपियों द्वारा गिलहरी और “रंग प्यारी” नामक चिड़िया का शिकार किया गया था। इस घटना से क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है।

कैसे हुआ खुलासा
वन विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल में हथियार लेकर शिकार की नीयत से घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इलाके में घेराबंदी की। सर्च ऑपरेशन के दौरान 5 आरोपियों को मौके से पकड़ लिया गया, जबकि एक आरोपी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया।

क्या बरामद हुआ
गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक भरमार बंदूक, पोटास (बारूद में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ) और छर्रा बरामद किया गया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी किसी बड़े जंगली जानवर के शिकार की योजना बना रहे थे, लेकिन मौके पर उन्होंने गिलहरी और रंग प्यारी चिड़िया को निशाना बना लिया।

वन्यजीवों को नुकसान
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का अवैध शिकार न केवल वन्यजीवों की संख्या को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर भी नकारात्मक असर डालता है। छोटी प्रजातियों का शिकार भी जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा माना जाता है।

कानूनी कार्रवाई
वन विभाग ने सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किसी बड़े शिकार गिरोह से जुड़े हैं या नहीं।
फरार आरोपी की तलाश जारी
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। वन विभाग की टीम आसपास के जंगल और गांवों में उसकी तलाश कर रही है।

अधिकारियों की चेतावनी
वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शिकार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं शिकार या संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत सूचना दें।
इस पूरी कार्रवाई को वन विभाग की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया का परिणाम माना जा रहा है, जिससे एक संभावित बड़े शिकार की घटना को समय रहते रोका जा सका।




