
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मामूली आर्थिक विवाद ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम देवसराकला निवासी 63 वर्षीय धारी उरांव और गांव के ही संजीत उरांव के बीच जनवरी महीने में भैंसा बेचने को लेकर विवाद हुआ था। बताया जा रहा है कि संजीत उरांव ने मध्यस्थता करते हुए धारी उरांव का भैंसा 15,500 रुपये में बिकवाया था, जबकि धारी उरांव उसे 16,500 रुपये में बेचना चाहता था। इस कारण धारी उरांव को 1,000 रुपये का नुकसान हुआ, जिसे लेकर वह अक्सर नाराज रहता था।
ग्रामीणों के मुताबिक, धारी उरांव शराब के नशे में कई बार संजीत उरांव पर 1,000 रुपये हड़पने का आरोप लगाता था। यह विवाद धीरे-धीरे व्यक्तिगत तनाव में बदल गया।
घटना की रात क्या हुआ
घटना 6 फरवरी 2026 की रात करीब 8 बजे की है। उस समय संजीत उरांव अपने घर के बाहर सड़क किनारे बैठकर खाना खा रहा था। इसी दौरान धारी उरांव वहां पहुंचा और फिर से पैसे को लेकर विवाद शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बहस तेजी से बढ़ी और गुस्से में आकर संजीत उरांव ने अपने हाथ में रखी थाली से धारी उरांव पर हमला कर दिया।
इसके बाद उसने धारी उरांव को पकड़कर जमीन पर पटक दिया, जिससे बुजुर्ग को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया, लेकिन आरोपी ने तत्काल इलाज कराने का आश्वासन देकर मामला शांत कराने की कोशिश की।
इलाज में देरी और बिगड़ती हालत
अगले दिन 7 फरवरी को परिजन घायल धारी उरांव को शंकरगढ़ अस्पताल ले गए। वहां प्रारंभिक इलाज के दौरान परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि वह गिरने से घायल हुए हैं। हालांकि, हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें रायपुर के एक बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया।
करीब दो सप्ताह तक इलाज चलने के बावजूद धारी उरांव की स्थिति लगातार बिगड़ती गई। अंततः 20 फरवरी को परिजन थाना कुसमी पहुंचे और संजीत उरांव के खिलाफ मारपीट की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
मौत के बाद बढ़ीं धाराएं
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसी बीच 21 फरवरी 2026 को रायपुर अस्पताल में इलाज के दौरान धारी उरांव की मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मारपीट में आई गंभीर चोटों के कारण ही धारी उरांव की मृत्यु हुई। इसके बाद पुलिस ने प्रकरण में गंभीर धारा 103(1) बीएनएस (हत्या से संबंधित) जोड़ दी।
आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी संजीत उरांव को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है और आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
इस घटना ने क्षेत्र में एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह हिंसक रूप लेकर गंभीर अपराध में बदल जाते हैं।



